Varanasi News: अवैध घुसपैठ के खिलाफ यूपी पुलिस का ऑपरेशन टॉर्च जारी, वाराणसी में लोगों से मांगे दस्तावेज
UP News: माधोपुर क्षेत्र में रह रहे लोगों ने एबीपी लाइव को बताया कि वह करीब 20 सालों से यहां पर रह रहे हैं. समय-समय पर उन्होंने अपने दस्तावेज भी दिए हैं. वोटिंग के लिए वह पश्चिम बंगाल जाते हैं.

वाराणसी में बीते दिनों माधोपुर क्षेत्र में पुलिस द्वारा ऑपरेशन टॉर्च चलाया गया था, जिस दौरान कैंप में रह रहे लोगों से उनके पहचान पत्र के बारे में पूछा गया था. वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट की तरफ से मिली जानकारी के अनुसार पूरे वाराणसी जनपद में करीब 500 से अधिक संदिग्ध मिले थे. साथ ही पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि अगर यह अपनी पहचान नहीं बता पाते हैं तो इन्हें एक सप्ताह बाद डिटेंशन सेंटर भेजा जाएगा. अब इसके बाद एबीपी न्यूज ने इस प्रकार के कैंप से ग्राउंड रिपोर्ट की है.
माधोपुर क्षेत्र में रह रहे लोगों ने एबीपी लाइव से बातचीत में बताया कि - वह करीब 20 सालों से यहां पर रह रहे हैं. छोटे कामकाज रिक्शा चलाने के लिए वह पश्चिम बंगाल से यहां पर आकर रहने लगे. समय-समय पर उन्होंने अपने दस्तावेज भी दिए हैं. वह किसी भी चुनाव में वोट नहीं करते. वोटिंग के लिए वह पश्चिम बंगाल जाते हैं.
'पश्चिम बंगाल के साथ स्थानीय पुलिस ने की दस्तावेजों की जांच'
उन्होंने बताया कि स्थानीय पुलिस और पश्चिम बंगाल की पुलिस ने भी इन सभी दस्तावेज की जांच की है. लेकिन बार-बार हमारे द्वारा यह प्रमाण दिया जाता है. हम चार महीने से सिर्फ यही प्रमाण दे रहे हैं. इसके अलावा वहां मौजूद जाहिर शेख ने कैमरे के सामने ही अपना प्रमाण पत्र सहित अन्य दस्तावेज दिखाया. उसने यह भी कहा कि संपत्ति से संबंधित अथवा अन्य दस्तावेज भी उसके पास मौजूद हैं. साथ ही वह निकटतम थाने के साथ-साथ पश्चिम बंगाल में भी दे चुका है.
'बिल्कुल जांच हो, लेकिन हम रोहिंग्या नहीं'
इसके अलावा कैंप में रह रहे अन्य लोगों ने सरकार के इस कदम की तारीफ करते हुए कहा है कि बिल्कुल रोहिंग्या बांग्लादेशियों की जांच होनी चाहिए, लेकिन हम इस देश के नागरिक हैं. हमें रोहिंग्या और बांग्लादेशी ना कहा जाए. हम सिर्फ कामकाज के लिए पश्चिम बंगाल से वाराणसी आए हैं.
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL

























