उत्तराखंड में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट, 7 जिलों के लिए अलर्ट; 126 सड़कें बंद
Uttrakhand News In Hindi: उत्तराखंड में अगले 5 दिन भारी बारिश की चेतावनी जारी है. 7 जिलों में अलर्ट, 126 सड़कें बंद हैं. चारधाम यात्रा जारी है, जबकि प्रशासन ने मौसम देखकर ही यात्रा करने की अपील की है.

उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है. राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) और मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश में अगले पांच दिनों तक बारिश से राहत मिलने के आसार नहीं हैं.
मौसम विभाग ने देहरादून, उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, नैनीताल और चंपावत समेत सात जिलों में भारी बारिश, तेज गर्जना और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है. लगातार हो रही बारिश का असर सड़क नेटवर्क पर भी पड़ा है और प्रदेशभर में 126 सड़कें बंद हो गई हैं. इसके बावजूद चारधाम यात्रा फिलहाल सुचारु रूप से जारी है.
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सात जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, लोगों से सतर्क रहने की अपील
मौसम विभाग ने आज 12 जुलाई को कई पर्वतीय जिलों में भारी से अति भारी बारिश की संभावना जताई है. विभाग ने नदी-नालों से दूर रहने, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से बचने और मौसम की ताजा जानकारी लेकर ही यात्रा करने की सलाह दी है. पूर्वानुमान के मुताबिक 13 से 18 जुलाई तक भी अधिकांश पर्वतीय क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कई स्थानों पर भारी वर्षा का दौर जारी रह सकता है.
126 सड़कें बंद, पौड़ी और चमोली सबसे ज्यादा प्रभावित
लगातार बारिश और भूस्खलन के चलते प्रदेश में कुल 126 सड़कें बंद हैं. सबसे अधिक 30 सड़कें पौड़ी गढ़वाल में, 27 चमोली में, 16 पिथौरागढ़, 13 रुद्रप्रयाग, 10 देहरादून, 8 बागेश्वर तथा 7-7 सड़कें टिहरी और अल्मोड़ा में अवरुद्ध हैं. लोक निर्माण विभाग, सीमा सड़क संगठन और जिला प्रशासन की टीमें मलबा हटाकर यातायात बहाल करने में जुटी हुई हैं.
बारिश के बीच जारी है चारधाम यात्रा
ऊधर खराब मौसम के बावजूद चारधाम यात्रा जारी है. प्रशासन के अनुसार अब तक बदरीनाथ धाम में 14.74 लाख से अधिक, केदारनाथ में 14 लाख से ज्यादा, गंगोत्री में करीब 6.89 लाख और यमुनोत्री में लगभग 6.39 लाख श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं. प्रशासन ने यात्रियों से मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी लेने के बाद ही यात्रा पर निकलने की अपील की है.
कई जिलों में बारिश और भूस्खलन का असर
पिछले 24 घंटों में मसूरी में 75 मिमी, मालदेवता में 71.5 मिमी, कालसी में 66 मिमी, ऊखीमठ में 52.5 मिमी और काशीपुर में 52 मिमी बारिश दर्ज की गई. देहरादून के प्रेमनगर क्षेत्र में क्षतिग्रस्त पुलिया पर अस्थायी मार्ग बनाने का कार्य जारी है, जबकि नीलकंठ क्षेत्र में भूस्खलन के खतरे को देखते हुए प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है. पिथौरागढ़ में एक खाली भवन में आग लगने की घटना सामने आई, जबकि नैनीताल जिले के हल्द्वानी क्षेत्र में सड़क हादसे में चार लोगों की मौत की सूचना है.
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने, नदी-नालों से दूरी बनाए रखने और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन, SDRF या आपदा नियंत्रण कक्ष से तत्काल संपर्क करने की अपील की है. संवेदनशील जिलों में प्रशासन, पुलिस और राहत एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है.
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