Ram Mandir: कर्नाटक के करकला से राम लला के लिए भेजी गई विशाल शिला, जानें- विशेषज्ञों ने क्यों चुना ये पत्थर
Ayodhya: इस शिला का उपयोग कई प्रसिद्ध मूर्तियों के निर्माण में किया गया है जो प्रमुख स्थानों पर स्थापित की गई हैं. इस शिला को तुंगभद्रा नदी के किनारे स्थित एक छोटी सी पहाड़ी से चुना गया है.

Ayodhya Ramlala Statue: उत्तर प्रदेश के अयोध्या में प्रस्तावित राम मंदिर के लिए भगवान राम (Ramlala Statue) की प्रतिमा बनाने के लिए कर्नाटक (Karnataka) के उडुपी जिला स्थित करकला से एक विशाल शिला को अयोध्या (Ayodhya) के लिए भेजा गया है. विहिप से मिली जानकारी के अनुसार विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने पहले शिला का पूजन किया फिर उसे एक बड़े ट्रक में लदवाकर अयोध्या भेजा. दरअसल, कर्नाटक के ऊर्जा, कन्नड़ और संस्कृति विभाग के मंत्री वी सुनील कुमार भी इस पूजन समारोह में शामिल हुए. कुमार राज्य विधानमंडल में करकला का प्रतिनिधित्व करते हैं. इस शिला को नेल्लिकारू पत्थर के रूप में जाना जाता है और इसमें अद्वितीय गुण होते हैं.
इस शिला का उपयोग कई प्रसिद्ध मूर्तियों के निर्माण में किया गया है जो प्रमुख स्थानों पर स्थापित की गई हैं. इस शिला को तुंगभद्रा नदी के किनारे स्थित एक छोटी सी पहाड़ी से 'रॉक' विशेषज्ञों द्वारा चुना गया है. जानकारी के अनुसार भगवान राम की प्रतिमा के लिए नेपाल समेत देश के विभिन्न हिस्सों से पत्थर लाये जा रहे हैं. दरअसल, नेपाल की कृष्णा गंडकी नदी से रामलला की मूर्ति बनाने के लिए लाई गई शालिग्राम शिलाओं के बाद अब कर्नाटक से भी आरकोट स्टोन की दो शिलाएं अयोध्या लाई गईं थी. इन्हें भी शालिग्राम शिलाओं के बगल राम कारसेवकपुरम में रखा गया है. इसी तरह कांची और ओडिशा से भी रामलला की मूर्ति निर्माण के लिए शिलाएं अयोध्या लाई गईं है. इन सभी की टेस्टिंग के बाद ये तय किया जाएगा कि आखिर रामलला की मूर्ति किस शिला की बनेगी.
शिलाओं की टेस्टिंग के बाद होगा अंतिम फैसला
अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि मंदिर में रामलला की मूर्ति किन पत्थरों से तैयार होगी इसको लेकर अभी भी ऊहापोह की स्थिति है. जनवरी 2024 में रामलला अपने मंदिर के गर्भगृह में विराजमान हो जाएंगे इसलिए उनकी मूर्ति बनाने के लिए ट्रस्ट सारे विकल्प खुले रखना चाहता है. यही वजह है कि नेपाल से लाई गई शालिग्राम शिलाओं के बाद बुधवार को कर्नाटक से आरकॉट स्टोन की दो शिला लाई गई हैं, यही नहीं कांची और ओडिशा से भी शिलाओं को अयोध्या लाया जा रहा है. इन सभी शिलाओं की एक साथ टेस्टिंग के बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा.
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Source: IOCL

























