1 साल पुरानी तस्वीर में अमित शाह और राम गोपाल यादव, साथ थे संजय राउत, 'पर्ची' ने सपा पर खड़े किए सवाल
ओपी राजभर ने समाजवादी पार्टी में टूट का दावा किया. दावे के बाद UP की सियासत में भूचाल सा आ गया. खुद अखिलेश यादव ने इस पर बयान दिया. रामगोपाल ने राजभर को मूर्ख तक बता दिया लेकिन वो पूरा मामला क्या था?

समाजवादी पार्टी के लिए 17 जून 2026 का दिन काफी उथल-पुथल भरा रहा. न कोई विधायक कहीं से आया, न कहीं कोई गया, न किसी सांसद ने बागी होने के संकेत दिए, न किसी ने कोई बात कही लेकिन योगी सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर के एक बयान ने राज्य की सियासी चर्चा ही बदल दी.
कहां बात हो रही थी कि 2027 में कौन कितनी सीटों पर लड़ेगा, कहां अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा के चोरी का मामला सुर्खियों में था लेकिन एक बयान ने लखनऊ से दिल्ली तक की सियासी हवा बदल दी. राजभर ने दावा किया कि सपा में बड़ी टूट हो सकती है. इस बयान के पीछे उन्होंने उस पर्ची का जिक्र किया जो साल 2025 की 11 मार्च को रामगोपाल यादव ने गृह मंत्री अमित शाह को दी थी.
इस तस्वीर में सपा चीफ अखिलेश यादव के चाचा, राज्यसभा सांसद रामगोपाल यादव और गृह मंत्री अमित शाह साफ नजर आ रहे थे. न सिर्फ नजर आए बल्कि रामगोपाल यादव ने अपनी जेब से एक पर्ची निकाल कर गृह मंत्री के हाथों में थमाई थी और उसके बाद अमित शाह में मुस्कुराते हुए आगे बढ़ गए थे.
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संजय राउत भी थे फ्रेम में...
दिलचस्प बात यह है कि जिस तस्वीर के आधार पर समाजवादी पार्टी में कथित टूट की अटकलें लगाई गई उसी फ्रेम में शिवसेना (उद्धव बाला साहेब ठाकरे) के राज्यसभा सांसद संजय राउत भी दिखाई दे रहे थे. अब संयोग देखिए कि आज खुद शिवसेना (यूबीटी) में टूट की चर्चाएं तेज हैं और छह सांसदों के अलग रुख अपनाने की खबरों के बीच संजय राउत लगातार बगावत की आशंकाओं पर बयान दे रहे हैं.
जब मार्च 2025 में पर्ची वाली तस्वीर वायरल हुई थी उस वक्त भी पत्रकारों और खुद संजय राउत ने रामगोपाल से पूछा था कि पर्ची में क्या था? संजय राउत और पत्रकारों ने संसद भवन के मकर द्वार के पास रामगोपाल से पूछा था- क्या संदेश था? इसके जवाब में रामगोपाल ने तब कहा था- कोडवर्ड में है सब संदेश.
आज क्या क्या हुआ?
सुभासपा चीफ का बयान आने के बाद रामगोपाल यादव ने योगी सरकार के मंत्री राजभर को मूर्ख बता दिया और उन्हें सलाह दी कि वह पहले अपनी पार्टी पर ध्यान दें. वहीं राजभर ने दावा किया कि रामगोपाल ने जो चिट्ठी दी थी उसमें गोमती रिवर फ्रंट के कथित घोटाले से जुड़ी जानकारियां थीं.
उधर, राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और समाजवादी पार्टी विधायक माता प्रसाद पांडेय ने ओपी राजभर के बयान पर कहा, 'ओपी राजभर अपने आप में ही एक घोटाला हैं. आज पूरा समाज समाजवादी पार्टी को जिताने के लिए खड़ा है. भाजपा को हराने के लिए सभी लोग एकजुट होंगे, क्योंकि यहां तानाशाही का माहौल है. कोई भी खुलकर सच बोलने की हिम्मत नहीं कर पाता.'
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राजभर के दावे पर अखिलेश यादव ने भी बयान दिया. लखनऊ में एक प्रेस वार्ता के दौरान अखिलेश ने कहा कि 2017 के पहले उन्हें (राजभर) को जानता कौन था. दाना, गाना, अफसाना कहां तक चलेगा?

























