UP में किसानों को बड़ी राहत! यूरिया, DAP और NPK की समय पर सप्लाई का प्लान तैयार
Fertilizer Supply 2026: CM योगी आदित्यनाथ ने अप्रैल 2026 के लिए सुव्यवस्थित सप्लाई प्लान बनाया है, जिससे यूरिया, डीएपी और एनपीके की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित हो और किसानों की फसल बुवाई सुचारु रहे.

Fertilizer Supply 2026: योगी सरकार ने किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने के लिए अप्रैल 2026 के लिए एक व्यापक और सुव्यवस्थित सप्लाई प्लान तैयार किया है. इस योजना का उद्देश्य राज्य में किसी भी प्रकार की खाद कमी की स्थिति को रोकना और कृषि कार्यों को सुचारु बनाए रखना है.
राज्य सरकार द्वारा जारी इस रणनीति के तहत यूरिया, डीएपी (डाय-अमोनियम फॉस्फेट) और एनपीके (नाइट्रोजन, फॉस्फोरस, पोटाश) जैसे प्रमुख उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया है. कृषि विभाग के आला अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि प्रत्येक जिले में मांग के अनुसार खाद की आपूर्ति समय से पहले सुनिश्चित की जाए, ताकि बुवाई और फसल की बढ़वार के दौरान किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो.
हर जिले में समय पर वितरण सुनिश्चित
इसके साथ ही प्रदेश के समस्त उर्वरक बिक्री केन्द्रों पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कमेटी गठित कर कृषि विभाग, राजस्व विभाग एवं आवश्यकतानुसार अन्य विभागों के कार्मिकों की ड्यूटी लगाकर पारदर्शिता के साथ वितरण किया जाए. उर्वरकों की जमाखोरी कर कृत्रिम अभाव करने वाले असामाजिक तत्वों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाए.
गैर कृषि क्षेत्रों में उर्वरकों के डायवर्जन यथा-प्लाईवुड इण्डस्ट्रियल, पशु आहार निर्मित इकाइयों पर सघन निगरानी रखी जाए. फसल में संस्तुति / संतुलित मात्रा में (अधिकतम यूरिया 07 बोरी एवं डी०ए०पी०-05 बोरी प्रति हेक्टेयर) उर्वरकों का प्रयोग करने के साथ-साथ उर्वरकों का अग्रिम भण्डारण न करने के सम्बन्ध में ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाए जाए. अन्तर्राष्ट्रीय / अन्तर्राज्यीय सीमावर्ती जनपदों में उर्वरकों की उपलब्धता एवं वितरण की सघन निगरानी रखी जाए.
सहकारी समितियों और निजी क्षेत्र की भूमिका
इस योजना में सहकारी समितियों की भूमिका को और मजबूत करने की बात कही गई है. सरकार ने सहकारी संस्थाओं के माध्यम से खाद वितरण की हिस्सेदारी बढ़ाने का निर्णय लिया है, जिससे पारदर्शिता और सुगमता दोनों में सुधार होगा. वहीं, निजी क्षेत्र की भागीदारी को संतुलित रखते हुए उन्हें लगभग 35 प्रतिशत कोटा देने का प्रस्ताव भी रखा गया है, ताकि सप्लाई चेन प्रभावी बनी रहे.
निगरानी और रियल-टाइम ट्रैकिंग
खाद वितरण की निगरानी के लिए सरकार ने सख्त मॉनीटरिंग व्यवस्था लागू की है. जिला स्तर पर नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित की जाएंगी और अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी प्रकार की कालाबाजारी या जमाखोरी पर तत्काल कार्रवाई की जाए. इसके अलावा, रियल-टाइम ट्रैकिंग सिस्टम के माध्यम से खाद की उपलब्धता और वितरण पर नजर रखी जाएगी.
इस सुनियोजित रणनीति से किसानों को समय पर और पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध होगी, जिससे फसल उत्पादन में वृद्धि होगी और कृषि क्षेत्र को मजबूती मिलेगी. यह पहल राज्य के किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.
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Source: IOCL


























