शंकराचार्य को भड़काने में यूपी के डिप्टी सीएम का हाथ! जानें किसने कर दिया ये चौंकाने वाला दावा
Swami Avimukteshwaranand Controversy: शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर आरोप लगाने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी ने दावा किया है कि इस पूरे घटनाक्रम में एक डिप्टी सीएम भी शामिल हैं.

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के मामले में अब उत्तर प्रदेश सरकार के एक उप मुख्यमंत्री पर भी सवाल उठ रहे हैं. यह सवाल उठाए हैं खुद आशुतोष ब्रह्मचारी ने. आशुतोष ने ही आरोप लगाए हैं कि शंकराचार्य के यहां बटुकों के साथ शोषण हुआ.
प्रेस वार्ता में आशुतोष ब्रह्मचारी ने एक कॉल डिटेल का हवाला देते हुए कहा कि इसमें एक डिप्टी सीएम का नाम आया है. हालांकि आशुतोष ने डिप्टी सीएम के नाम का खुलासा नहीं किया. उन्होंने कहा कि कॉल डिटेल में एक डिप्टी CM का नाम सामने आया है. वो धरना-प्रदर्शन के लिए अविमुक्तेश्वरानंद को उकसाते थे. उन्होंने कहा कि जांच में नाम सामने आ जाएगा.
आशुतोष ने कहा कि उनका नाम कुकर्म के मामलों में नहीं है. उनका नाम उकसाने में आया है. कहते थे कि मैं आऊंगा तो पानी पिलाऊंगा, फिर धरना खत्म कर देना.
सपा और कांग्रेस के कुछ बड़े नेता भी शामिल- आशुतोष
प्रयागराज में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े कथित यौन शोषण मामले में शिकायतकर्ता आशुतोष ब्रह्मचारी ने नया दावा करते हुए कहा है कि मठ का कामकाज देखने वाले सीईओ प्रकाश उपाध्याय भी नाबालिग बटुकों के यौन शोषण में शामिल हैं. उनका आरोप है कि प्रकाश उपाध्याय बाढ़ग्रस्त राज्यों से बटुकों को लाता था और गुरु सेवा के नाम पर मुकुंदानंद गिरी के साथ मिलकर उन्हें स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के पास भेजता था. इससे पहले आशुतोष ब्रह्मचारी अरविंद मिश्रा का नाम भी सामने ला चुके हैं और दावा किया था कि अरविंद स्वामी का गुरुभाई है.
आशुतोष ब्रह्मचारी ने यह भी आरोप लगाया है कि सपा और कांग्रेस के कुछ बड़े नेता भी इस पूरे प्रकरण में शामिल हैं, हालांकि उन्होंने किसी नेता का नाम सार्वजनिक नहीं किया है और कहा है कि समय आने पर खुलासा करेंगे. उनका कहना है कि दोनों नाबालिग बटुकों के बयान आज पॉक्सो कोर्ट में बीएनएस की धारा 183 के तहत दर्ज हुए हैं और उनका मेडिकल भी कराया गया है, जिसमें कथित रूप से यौन उत्पीड़न की पुष्टि हुई है. उन्होंने दावा किया कि दो ही नहीं बल्कि करीब 20 पीड़ित उनके संपर्क में हैं और आरोप लगाया कि माघ मेला से लेकर वाराणसी मठ, बद्रीनाथ धाम और नरसिंह आश्रम जबलपुर तक नाबालिगों का शोषण होता था. आशुतोष ब्रह्मचारी ने कहा कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ ऐसे सबूत हैं कि उन्हें जेल जाने से कोई नहीं बचा सकता.
आशुतोष का दावा- कुछ महिलाएं भी संपर्क में
उन्होंने जल्द ही षड्यंत्र में शामिल एक और नाम उजागर करने की बात कही है. उनकी अर्जी पर पॉक्सो कोर्ट ने झूंसी थाना पुलिस को एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था, जिसके बाद पोक्सो एक्ट के तहत स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, उनके शिष्य मुकुंदानंद गिरी और तीन अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया. तीन अज्ञात में अब तक अरविंद मिश्रा और प्रकाश उपाध्याय के नाम सामने आ चुके हैं, जबकि तीसरे नाम के खुलासे की बात भी की गई है.
आशुतोष ब्रह्मचारी ने यह भी दावा किया है कि कुछ महिलाएं भी उनके संपर्क में हैं जो वाराणसी मठ में मौजूद हैं, और विद्या मठ के शीश महल का मुद्दा उठाने के बाद कथित तौर पर वहां के स्विमिंग पूल में मिट्टी भरवा दी गई है.
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Source: IOCL


























