BJP विधायक से हुई बहस के सवाल पर मंत्री स्वतंत्र देव सिंह बोले- 'उस पर कोई जवाब नहीं दूंगा'
Jhansi News: महोबा में जल जीवन मिशन के कार्यों पर उठ रहे सवालों से इनकार करते हुए स्वतंत्र देव सिंह बोले कि जिलाधिकारी का बयान आ चुका है. मुझे अब कुछ नहीं कहना, उसे देख लें.

उत्तर प्रदेश सरकार में जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह जल जीवन मिशन की समीक्षा करने झांसी पहुंचे, यहां जब पत्रकारों ने उनसे महोबा में हुई घटना को लेकर सवाल पूछे तो वे बिफर अपदे और बोले- “महोबा वाला कोई उत्तर नहीं देना, मेरे साथ कोई घटना नहीं हुई.” स्वतंत्र देव सिंह ने अखिलेश यादव के बयान पर भी प्रतिक्रिया देने से इंकार कर दिया. इस दौरान वे मीडिया के सवालों से बचते नजर आए.
यही नहीं जब उनसे चरखारी विधायक बृजभूषण राजपूत के 20 दिन के सवाल पर पूछा गया, तो वे काफी झल्ला गए. उन्होंने कहा, "एक दिन का समय दिया हूं. जबरदस्ती न करें." मंत्री ने जोर देकर कहा कि उनका मुख्य काम जल जीवन मिशन है और वे झांसी के 36 गांवों में जा रहे हैं. कल भी वे इसी मिशन के तहत गए थे.
महोबा में जल जीवन मिशन के कार्यों पर उठ रहे सवालों से इनकार करते हुए स्वतंत्र देव सिंह बोले कि जिलाधिकारी का बयान आ चुका है. मुझे अब कुछ नहीं कहना, उसे देख लें.
क्या था महोबा का पूरा मामला ?
बता दें कि शुक्रवार 30 जानवरों को युवा उद्घोष कार्य्रकम के बाद कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के काफिले को चरखारी विधायक बृजभूषण राजपूत ने अपने समर्थकों के साथ रोक लिया. उनके साथ 100 से अधिक ग्राम प्रधान भी थे. इस दौरान दोनों में तीखी नोकझोंक का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है.
विधायक ने आरोप लगाया कि जल जीवन मिशन के तहत खोदी गयीं सड़कें खस्ताहाल हैं. अधिकारियों से शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई. जिस पर 20 दिन में समस्या का निदान करने की आश्वासन दिया गया. सत्ता के मंत्री और विधायक में नोकझोंक का वीडियो पर विपक्ष के साथ लोग सवाल उठा रहे हैं.
स्वतंत्र देव सिंह सवालों से भाग रहे
झांसी पहुंचने पर पत्रकारों ने यही सब सवाल किए तो स्वतंत्र देव सिंह बोले मेरा काम जल जीवन मिशन में काम करना है. वे गांवों का लगातार दौरा कर रहे हैं. अखिलेश यादव की टिपण्णी पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी.
जल जीवन मिशन के कार्यों का बचाव
अपने विभाग की उपलब्धि पर बात करते हुए स्वतंत्र देव सिंह बोले- “आज वर्षो के पीड़ा का अंत हुआ है, हर नल में प्रयाप्त पानी और सुरक्षित पानी का सप्लाई होगा. ये योजना बहोत ही महत्वपूर्ण है. जब महिलाये सर पर मटके रख कर पानी का इंतज़ार करती थी, इसलिए इस परियोजना का शुभारम्भ हुआ था.”
अंत में सफाई देते हुए कहा कल मैं महोबा गया था. आज झांसी में 36 गांवों को जल सेवा समर्पित करेंगे. यह भूजल का दोहन नहीं है, ये सतही जल है. महोबा में लोगों से पूछा कि कोई समस्या तो नहीं है, सभी ने बताया कि पानी की नियमित सप्लाई मिल रही है. 37 गांव के लोगो से पूछा था, महोबा में सभी काम हुए है. आगे बोले कि सभी लोगों ने मिलकर एक रिपोर्ट तैयार किया था की ये काम नहीं हुआ. कोई कठिनाई नहीं थी, जनता का काम था विधायक जी जनता का काम लेकर आए थे. ये रोड की जगह कही सर्किट हाउस में मिल लेते जितना शोर मचा था उतना कुछ नहीं है, विधायक मेरे पास नहीं आएंगे तो कुछ नहीं होगा.
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Source: IOCL

























