Siddharthnagar में दो क्रिप्टो ट्रेडर गिरफ्तार, फर्जी सिम और अकाउंट बनाकर करते थे पैसों को लेनदेन
Siddharthnagar News: सिद्धार्थनगर में एसओजी, सर्विलांस और बांसी कोतवाली पुलिस की टीम को बड़ी सफलता मिली है. पुलिस ने फर्जी सिम और अकाउंट के जरिए क्रिप्टो ट्रेड करने वाले बदमाशों को पकड़ा है.

Siddharthnagar News: उत्तर प्रदेश के जनपद सिद्धार्थनगर में एसओजी, सर्विलांस और बांसी कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम को बड़ी सफलता हासिल हुई है. बांसी कोतवाली के बांसी में क्रिप्टो ट्रेडर के नाम से एक संस्था चल रही थी जो लोगों के आधार कार्ड व मोबाइल नंबर की फिडिंग करती थी, उसी का फायदा उठाते हुए संबंधित फर्म के लोग आम लोगों के फर्जी आधार कार्ड बना कर फर्जी सिम के जरिए फर्जी बैंक अकाउंट खोल कर गलत ढंग से पैसों का लेनदेन करते थे.
पुलिस पूछताछ में हुआ खुलासा
पुलिस अधीक्षक अमित कुमार आनंद ने बताया कि अभियुक्तों ने पूछताछ में बताया है कि ये लोग क्रिप्टो करेंसी (यूएसडीटी) की ट्रेनिंग करते है. अपने अकाउंट से पूर्व में ट्रेडिंग करने पर ज्यादा संख्या में ट्रांजेक्शन व पैसे के कारण बैंक द्वारा पूछताछ की गयी थी, जिससे डरकर हम लोगों ने टेलीग्राम ग्रुप में जुड़े व्यक्ति से दूसरे के नाम के अकाउंट व सिम कार्ड के खरीदने के लिये संपर्क किया. उसके द्वारा 7000 रुपये प्रति फर्जी खाता व सिम कार्ड जो दूसरे के नाम से होते है, उनको ऑनलाइन पेमेन्ट कर देने पर डीटीडीसी कूरियर के माध्यम से औरंगाबाद से भेज दिया जाता था.
अलग-अलग खातों में ट्रांसफर होता था पैसा
अभियुक्तों ने खुलासा किया कि हम लोग अपने तीन मोबाइल, आईफोन में लगाकर अनवेरिफाइड व्यक्तियों को HUBYPRO-PAXFUL-BINANCE क्रिप्टो एक्सचेंन्ज के माध्यम से 20% अधिक दाम पर सेल करके लाभ कमाते है. चूंकि ये खाते दो से तीन दिनों में फ्रीज हो जाते हैं इसलिए हम लोग लाभ के पैसों को अपने और परिवार के अकाउंट में ट्रांसफर कर लेते हैं. अलग-अलग खातों से ट्रांजेक्शन करने से किसी एजेंसी की नज़रों में नहीं आते थे और हम लोगों को टैक्स भी नहीं देना पड़ता था.
आरोपियों के पास मिला ये सारा सामान
पकड़े गए दोनों अभियुक्तों के पास से कोटक बैंक के 6 फर्जी बैंक अकाउंट के साथ एमपीन व एटीएम, पासवर्ड, 4 लाख 50 हजार रुपये नगद और 11 विभिन्न बैंकों के एटीएम, 5 मोबाइल फोन, 8 चेकबुक, 1 मोटर साईकिल और 14 अलग-अलग कंपनियों के मोबाइल सिम बरामद हुए हैं. इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है.
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Source: IOCL



























