नेता जी ने बहन माना नहीं तो मायावती बुआ कैसे हुईं: शिवपाल यादव
आप सब जानते कि नेता जी के साथ समाजवादी पार्टी को बढ़ाने में हमारा बहुत बड़ा योगदान है। हमने कभी नहीं सोचा था कि हमे कभी अलग पार्टी बनानी पड़ेगी। हमने बहुत प्रयास किया कि पार्टी से अलग न होना पड़े।

कानपुर, एबीपी गंगा। प्रसपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने शुक्रवार को अकबरपुर लोकसभा सीट से अपने प्रत्याशी के समर्थन में जनसभा की। इस दौरान वे कानपुर के रमईपुर पहुंचे। शिवापल ने लोगों को संबोधित करते हुए अपना दर्द बयां किया। मंच से भावुक होते हुए उन्होंने कहा कि लोकसभा का ये चुनाव बहुत महत्वपूर्ण है। मेरे सम्मान का चुनाव है। आप सब को पता है कि हमने लंबे समय तक सपा में काम किया। आप सब जानते कि नेता जी के साथ समाजवादी पार्टी को बढ़ाने में हमारा बहुत बड़ा योगदान है। हमने कभी नहीं सोचा था कि हमे कभी अलग पार्टी बनानी पड़ेगी। हमने बहुत प्रयास किया कि पार्टी से अलग न होना पड़े।
शिवपाल ने कहा कि हमको कुछ नहीं चाहिए हमको चाहिए तो सिर्फ नेता जी का सम्मान और थोड़ा हमको सम्मान दे दो। सपा में काम करने की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश में तो दी नहीं, किसी दूसरे प्रदेश में संगठन के लिए काम करने की जिम्मेदारी दे दो। लेकिन उसके बाद भी मुझे कुछ नहीं मिला बाद में पार्टी बनानी पड़ी।
गुंडों का सपोर्ट करते हैं रामगोपाल
रामगोपाल पर निशाना साधते हुए कहा प्रसपा अध्यक्ष ने कहा कि लोग प्रोफेसर साहब को चश्मा नाम से जानते हैं और लोगों ने फिरोजाबाद में चश्मा तोड़ने का काम किया है। सपा में लोग जमीनों पर कब्जा गलत काम भ्रष्टाचार गुंडई कर रहे थे, आप जानते तो हैं जिनको सपोर्ट कौन करता है, वही प्रोफेसर साहब, हमने इसका विरोध किया।
मायावती पर साधा निशाना
मायावती का भरोसा नहीं किया जा सकता, उन्होंने हमेशा धोखा दिया। अखिलेश का भरोसा नहीं कर सकते हैं, जिन्होंने अपने पापा को धोखा दिया, हमको धोखा दिया। मायावती ने एक रात में कितने मुक़दमे करवाए थे अगर जज सही फैसला ना करता तो नेता जी आज भी ज़मानत करवा रहे होते। और माया ने क्या नारा दिया 'चढ़ गुंडो की छाती पर मोहर लगाओ हाथी पर''। नेता जी ने बहन बनाया नहीं मैंने बहन बनाया नहीं, तो बुआ कहां से हो गयी।
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL























