Noida Protest: नोएडा श्रमिक आंदोलन पर सियासत तेज, सपा नेता एसटी हसन ने सरकार से कर दी यह मांग
Noida Protest: समाजवादी पार्टी के पूर्व सांसद डॉ एसटी हसन ने नोएडा में श्रमिकों के विरोध प्रदर्शन पर तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि श्रमिकों का जितना वेतन हैं उन्हें उतना मिलना ही चाहिए.

उत्तर प्रदेश के नोएडा में प्राइवेट कंपनी के कर्मचारियों के द्वारा वेतन में बढ़ोतरी की माँग को लेकर सोमवार को हुए बवाल पर अब सियासत भी गरमा गई है, समाजवादी पार्टी के पूर्व सांसद डॉ. एसटी हसन ने इस प्रदर्शन के लिए सरकार पर निशाना साधा और इंसान को अपनी जिंदगी चलाने के लिए पैसों की ज़रूरत है, ये श्रमिक ही देश की रीढ़ की हड्डी होते हैं.
सपा के पूर्व सांसद एसटी हसन ने नोएडा में श्रमिकों के बवाल पर एबीपी न्यूज़ से बात की और बीजेपी सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा "इंसान को अपनी जिंदगी चलाने के लिए पैसों की जरुरत है, महंगाई आसमान छू रही है, हर चीज मे परेशानी हो रही है. ये श्रमिक हर देश की रीढ़ की हड्डी होते हैं, जितना इन्हें वेतन मिलता है उससे इनकी जिंदगी गुजर बसर नहीं हो पाती है."
श्रमिकों के विरोध प्रदर्शन पर बोले एसटी हसन
सपा नेता ने कहा कि सरकार को इस सरकार को इस पर विचार करना चाहिए कि और प्रदेशों में श्रमिकों का जितना वेतन है उतना ही इन श्रमिकों को मिलना चाहिए. सरकार अगर ये कह रही है कि वो उनके साथ खड़ी है तो ये अच्छी बात है. वहीं सूबे के डीजीपी राजीव कृष्ण ने कर्मचारियों को भड़काने वालों को चिन्हित कर कार्रवाई के सवाल पर भी सपा नेता ने जवाब दिया.
सरकार से की समस्या का निदान करने की मांग
एसटी हसन ने कहा कि "कोई किसी के भड़कावे में नहीं आता है, हकीकत से रूबरू होकर ही इंसान आवेश में आता है. एक मजदूर अपनी जिंदगी कैसे चला रहा है बच्चों की पढ़ाई लिखाई, बीमारी को कैसे फेस कर रहा है, जिंदगी में कितना खतरा झेलता है उसके साथ सरकार को सहानुभूति दिखाते हुए उसकी समस्या का निदान करना चाहिए."
बता दें कि नोएडा में सोमवार को कई कंपनियों के कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन उग्र हो गया था, जिसके बाद कई जगहों पर गाड़ियों में आगजनी देखने को मिली और जमकर बवाल हुआ. इस दौरान पूरे नोएडा की यातायात व्यवस्था भी पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गई और घंटों का जाम लग गया. इस प्रदर्शन को लेकर सीएम योगी ने भी सख्त रवैया अपनाया है और प्रशासन को 24 घंटे के भीतर समस्या का निदान करने के निर्देश दिए हैं.
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Source: IOCL


























