राम मंदिर ट्रस्ट को CEO के लिए आए 5,500 से ज्यादा आवेदन, जानें कब होगा नाम का ऐलान?
Ram Mandir Donation Row: सीईओ चयन के लिए शॉर्टलिस्टिंग जारी हो गई है और अब वर्चुअल और फिजिकल इंटरव्यू होंगे. चयन समिति ट्रस्ट को 3 नाम सौंपेगी और अंतिम फैसला मध्य अगस्त तक हो सकेगा.

राम मंदिर चढ़ावा चोरी के बाद अब मंदिर के ट्रस्ट को सीईओ पद के लिए 5,500 से ज्यादा आवेदन आ चुके हैं. वहीं अब चयन प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है. श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का नया सीईओ के नाम का ऐलान 15 अगस्त के आसपास हो सकता है.
दरअसल, सीईओ चयन के लिए शॉर्टलिस्टिंग जारी हो गई है और अब वर्चुअल और फिजिकल इंटरव्यू होंगे. चयन समिति ट्रस्ट को 3 नाम सौंपेगी और अंतिम फैसला मध्य अगस्त तक हो सकेगा.
क्या हैं शर्तें?
सीईओ के लिए प्रशासनिक अनुभव, हिंदी-अंग्रेजी में दक्षता और भारतीय नागरिकता प्रमुख शर्तें हैं. राम मंदिर ट्रस्ट के सीईओ पद के लिए महिला और पुरुष दोनों उम्मीदवारों के लिए अवसर है.
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महासचिव के लिए बजरंग बांगड़ा का नाम फाइनल!
वहीं सूत्रों के मुताबिक साहित्यकार यतींद्र मिश्र राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य हो सकते हैं. महासचिव के लिए विश्व हिंदू परिषद के महामंत्री बजरंग लाल बांगड़ा का नाम लगभग फाइनल माना जा रहा है, जबकि विहिप के केंद्रीय सलाहकार दिनेश जीबी राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य हो सकते हैं.
इसलिए हुआ सीईओ का पद बनाने का फैसला
सीईओ का पद बनाने का फैसला ट्रस्ट की 6 जुलाई की बैठक में लिया गया था, जो मंदिर के चढ़ावे में चोरी के आरोपों के बाद हुआ था. तब ट्रस्ट ने मंदिर के मैनेजमेंट को मजबूत करने, फाइनेंशियल पारदर्शिता लाने, सुरक्षा इंतजाम बेहतर करने और भक्तों के लिए सुविधाओं को सुव्यवस्थित करने के लिए एक प्रोफेशनल एडमिनिस्ट्रेटिव स्ट्रक्चर लाने का फैसला किया था.
ये काम होंगे सीईओ के जिम्मे
नियुक्ति के बाद सीईओ मंदिर के रोजाना के कामकाज, मैनेजमेंट के फैसलों को लागू करने और स्टाफ की देखरेख के लिए जिम्मेदार होंगे. ट्रस्ट की मंजूरी से सीईओ को मंदिर के कामकाज के लिए सेक्रेटरी और दूसरे जरूरी कर्मचारियों को नियुक्त करने का अधिकार भी होगा.
सीईओ की नियुक्ति के अलावा ट्रस्ट ने तीन खाली पदों को भरने पर भी चर्चा है. एक पद अयोध्या के शाही परिवार के पूर्व प्रमुख और ट्रस्टी बिमलेन्द्र मोहन प्रताप मिश्र के निधन के बाद खाली हुआ था, जबकि बाकी दो पद पूर्व जनरल सेक्रेटरी चंपत राय और पूर्व ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र के इस्तीफे के बाद खाली हुए हैं.
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