प्रयागराज: 44 दिन के माघ मेले का आगाज, पौष पूर्णिमा के पहले स्नान पर 31 लाख लोगों ने लगाई डुबकी
Prayagraj Magh Mela 2026: प्रयागराज में माघ मेले का उत्साह के साथ आगाज हो गया है. श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं. करीब 8 किलोमीटर लंबा स्नान घाट तैयार किया गया है.

प्रयागराज संगम की पावन रेती पर 44 दिनों तक चलने वाले माघ मेले का शुभारंभ शनिवार (3 जनवरी) को पौष पूर्णिमा के पहले स्नान के साथ हो गया है. देश के कोने-कोने से आए लाखों श्रद्धालु संगम तट पर पहुंचकर आस्था की डुबकी लगा रहे हैं. प्रथम स्नान पर्व पौष पूर्णिमा के अवसर पर 7 बजे तक लगभग 31 लाख लोगों ने आस्था की डुबकी लगाई है.
अब तक लाखों श्रद्धालु संगम स्नान कर पुण्य लाभ अर्जित कर चुके हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार माघ मास में कल्पवास करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है, इसी आस्था के चलते बड़ी संख्या में कल्पवासी अगले 44 दिनों तक संगम तट पर रहकर साधना और भक्ति में लीन रहेंगे.
लाखों लोगों ने लगाई आस्था की डुबकी
माघ मेले के अवसर पर मेला अधिकारी ऋषि राज ने भी बताया कि श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को देखते हुए सारी तैयारियां कर ली गई हैं. उन्होंने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि पौष पूर्णिमा के शुभ अवसर पर माघ मेला शुरू हो चुका है. सुबह 8 बजे तक लगभग 65 लाख श्रद्धालु पवित्र स्नान कर चुके थे. श्रद्धालु और कल्पवासी बड़ी संख्या में आ रहे हैं और विभिन्न घाटों पर स्नान कर रहे हैं.
श्रद्धालुओं की सुरक्षा के व्यापक इंतजाम
श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को लेकर प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं. करीब 8 किलोमीटर लंबा स्नान घाट तैयार किया गया है, जहां डीप वॉटर बैरिकेडिंग लगाई गई है. संगम नोज पर एनडीआरएफ, जल पुलिस और पीएसी के जवानों को अलर्ट मोड पर तैनात किया गया है.
पूरे मेला क्षेत्र की निगरानी के लिए 300 से अधिक एआई आधारित सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं. इसके साथ ही संगम नोज पर वॉच टावर बनाया गया है, जहां से पुलिसकर्मी 24 घंटे पूरे मेला क्षेत्र पर नजर रख रहे हैं.
मौके का जायजा ले रहे हैं प्रशासनिक अधिकारी
प्रशासनिक अधिकारी सुबह से ही ग्राउंड जीरो पर मौजूद रहकर व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं और श्रद्धालुओं से संवाद कर उनकी समस्याओं का तत्काल समाधान कराया जा रहा है. आवागमन को सुचारु बनाए रखने के लिए पांटून पुल नंबर एक और महावीर मार्ग को झूंसी की ओर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए खोला गया है, जबकि दूसरे पांटून पुल को झूंसी से मेला क्षेत्र में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए आरक्षित किया गया है.
इस दिन होगा मौनी अमावस्या का प्रमुख स्नान
इस बार मेला क्षेत्र में कुल 9 पांटून पुलों का उपयोग किया जा रहा है. आगामी 14 जनवरी को मकर संक्रांति का स्नान और 18 जनवरी को मौनी अमावस्या का प्रमुख स्नान होगा, जिसमें 3 से 5 करोड़ श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है. 44 दिनों तक चलने वाले इस माघ मेले में कुल 6 अमृत स्नान होंगे. पूरे मेले के दौरान 12 से 15 करोड़ श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना जताई जा रही है.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं लखनऊ से माघ मेले की लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और मेला पूरी तरह सुरक्षित, सुव्यवस्थित और श्रद्धालु-अनुकूल बना रहे.
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Source: IOCL
























