गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन में दिग्गजों ने किया नामांकन, एक दिसंबर को होना है चुनाव
गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन के लिए 1 दिसंबर को चुनाव होना है. 3 दिसंबर को मतगणना होनी है. 5 नवंबर से नामांकन की प्रक्रिया शुरू हुई है. 12 नवंबर यानी कल तक नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि है.

गोरखपुर: गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन के लिए नामांकन दाखिले का बृहस्पतिवार को अंतिम दिन है. ऐसे में बुधवार को कई दिग्गज प्रत्याशियों ने पर्चा दाखिल कर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई. गोरखपुर के कमिश्नर कोर्ट में 5 नवंबर से नामांकन प्रक्रिया शुरू हुई है. सपा से अवधेश यादव, कांग्रेस से एनडी तिवारी और विभ्राट चंद्र कौशिक ने निर्दल प्रत्याशी के रूप में पर्चा दाखिल किया.
गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन के लिए 1 दिसंबर को चुनाव होना है. 3 दिसंबर को मतगणना होनी है. 5 नवंबर से नामांकन की प्रक्रिया शुरू हुई है. 12 नवंबर यानी कल तक नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि है. बुधवार को यूपी की भाजपा सरकार में युवा कल्याण एवं विकास परिषद के उपाध्यक्ष विभ्राट चंद्र कौशिक ने निर्दल प्रत्याशी के रूप में पर्चा दाखिल किया. इसके अलावा सपा से अवधेश यादव ने धूमधाम से पर्चा दाखिल किया. इसके अलावा कांग्रेस से एनडी तिवारी ने पर्चा दाखिल किया.
इस चुनाव में 17 जिलों की 39,772 वोटर प्रत्याशियों के भविष्य का फैसला करेंगे. गोरखपुर में सर्वाधिक 6077 वोटर हैं. वहीं सबसे कम 821 वोटर श्रावस्ती जिले से हैं. गोरखपुर के कमिश्नर कोर्ट में पर्चा दाखिला करने पहुंचे सपा प्रत्याशी अवधेश यादव ने कहा कि सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शिक्षकों की स्थिति को देखते हुए प्रत्याशी को उतारा है. सपा की सरकार में 2012 से 17 और उससे पूर्व की सपा सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र और शिक्षक हित में कार्य किया है. उसी आधार पर चुनाव जीतेंगे. उन्होंने कहा कि सभी शिक्षकों का मूड सपा को वोट देने का बन चुका है. सभी 1 दिसंबर का इंतजार कर रहे हैं. वे सपा के आगे एक लिखकर सपा को जिताएंगे.
यूपी की भाजपा सरकार में युवा कल्याण एवं विकास परिषद के उपाध्यक्ष विभ्राट चंद्र कौशिक ने निर्दल प्रत्याशी के रूप में पर्चा दाखिल करने पहुंचे. उन्होंने कहा कि उनके जितने नौजवान शिक्षक हैं, वे उनके साथ हैं. 1990 में वे गोरखपुर विश्वविद्यालय छात्रसंघ का महामंत्री और 1993 में अध्यक्ष चुने गए. गोरखपुर की सड़कों पर संघर्ष किया है. सारे शिक्षक उनके साथ हैं. वे लॉकडाउन के पहले से तैयारी कर रहे हैं. 1000 माध्यमिक विद्यालयों का दौरा किया है. एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि ऐसे लोग भी बीजेपी के हो गए जो गालियां देते हैं. एबीवीपी से गोरखपुर विश्वविद्यालय का चुनाव लड़कर अध्यक्ष होने वाले वे पहले प्रत्याशी हैं. वे इस चुनाव में जीत हासिल करेंगे.
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