UP News: क्या यह था “टेस्ट केस”? नोएडा घटना को लेकर अधिवक्ता महेश जेठमलानी का चौंकाने वाला दावा
Noida Violence: नोएडा हिंसा को सीएम योगी की सख्त कार्रवाई से काबू में किया गया, जबकि महेश जेठमलानी ने इसे मेट्रो शहरों में संगठित हिंसा फैलाने का सुनियोजित “टेस्ट केस” बताया.

Noida Violence Case: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की त्वरित और सख्त कार्रवाई से नोएडा में भड़काई गई हिंसा के हालात घंटों के भीतर काबू में आ गए और एक बड़ा षड्यंत्र समय रहते नाकाम कर दिया गया. इस बीच प्रसिद्ध अधिवक्ता महेश जेठमलानी ने इस घटना को सामान्य मानने से इनकार करते हुए इसे सुनियोजित “टेस्ट केस” बताया है, जिसके जरिए यह परखा गया कि मेट्रो शहरों में किस तरह संगठित तरीके से हिंसा फैलाई जा सकती है.
सूत्रों के मुताबिक जांच में सामने आया है कि यह मामला श्रमिक असंतोष का नहीं, बल्कि एक बड़े सुनियोजित षड्यंत्र का हिस्सा था. 66 गिरफ्तारियों में 45 लोग श्रमिक ही नहीं थे. आगजनी की घटनाओं में चिन्हित 17 में से 11 को गिरफ्तार किया गया, जिनमें 8 गैर-श्रमिक हैं. भड़काने के आरोप में 32 लोगों की पहचान हुई, जिनमें 19 को गिरफ्तार किया गया. इसके अलावा 34 ऐसे लोगों को भी पकड़ा गया, जो श्रमिक नहीं होते हुए भी कथित आंदोलन में शामिल होकर माहौल बिगाड़ने का प्रयास कर रहे थे.
सूत्रों के अनुसार, यह पूरा घटनाक्रम नोएडा जैसे औद्योगिक केंद्र को अस्थिर कर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने की साजिश का हिस्सा था. कुछ संगठित नेटवर्क और बाहरी तत्वों की भूमिका भी जांच के दायरे में है. सोशल मीडिया के जरिए माहौल भड़काने और अफवाह फैलाने की कोशिशें भी सामने आई हैं.
शहरी क्षेत्रों में हिंसा फैलाने की नई रणनीति का संकेत
प्रसिद्ध अधिवक्ता महेश जेठमलानी ने “अर्बन रेडिकल नेटवर्क” का जिक्र करते हुए कहा, "इस तरह की घटनाएं शहरी क्षेत्रों में हिंसा फैलाने की नई रणनीति का संकेत हैं. उनके मुताबिक, नोएडा की घटना एक प्रयोग थी कि कैसे मेट्रो शहरों में हिंसा फैलाई जा सकती है."
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रशासन ने तत्काल एक्शन लेते हुए कानून-व्यवस्था को पूरी तरह नियंत्रण में कर लिया. वहीं, श्रमिकों के हित में त्वरित फैसले लिए गए, जिससे मजदूरों और उद्योग दोनों ने सहयोग किया और औद्योगिक गतिविधियां तेजी से सामान्य हो गईं.
कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कार्रवाई
सीएम योगी के स्पष्ट निर्देश हैं कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी. वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई ने यह साबित कर दिया कि उत्तर प्रदेश में बड़े से बड़ा षड्यंत्र भी समय रहते विफल किया जा सकता है.
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Source: IOCL


























