UP Election 2027: नेहटौर में मुस्लिम-जाट-सैनी वोट निर्णायक? BJP-सपा में कांटे की रहेगी टक्कर
बिजनौर की नहटौर सीट पर इस बार भी बीजेपी और समाजवादी पार्टी के बीच कांटे की लड़ाई होने के आसार दिख रहे हैं. इस सीट पर मुस्लिम-जाट-सैनी वोट निर्णायक साबित हो सकते हैं.

यूपी के बिजनौर जिले में एससी वर्ग के लिए आरक्षित दूसरी सीट नेहटौर है. नेहटौर में भी सभी दलों से सिर्फ एससी वर्ग के प्रत्याशी ही चुनाव लड़ सकते हैं. नेहटौर सीट की विधानसभा संख्या 21 है. नेहटौर एक प्राचीन नगर है और इसका अपना एक सांस्कृतिक महत्व भी है.
खेती किसानी के साथ साथ अपने कपड़े के व्यवसाय के लिए भी नेहटौर जाना जाता है. नेहटौर में 2022 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी के ओमकुमार विधायक बने. सपा गठबंधन से आरएलडी ने मुंशीराम को टिकट दिया. बीएसपी ने प्रिया सिंह और कांग्रेस ने मीनाक्षी को प्रत्याशी बनाया.
2026 में एसआईआर के बाद नेहटौर विधानसभा सीट पर 2,91,638 मतदाता बचे हैं. साल 2024 के लोकसभा चुनाव में नेहटौर विधानसभा सीट पर 3,08,262 मतदाता थे. एसआईआर के बाद 16,624 मतदाता कट गए हैं. नेहटौर एससी सीट होने के बावजूद भी जाट, राजपूत, सैनी और मुस्लिम बाहुल्य सीट है.
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2022 के विधानसभा चुनाव में नेहटौर (सु) पर किस पार्टी का रहा बोलबाला
1. बीजेपी- 77,935
2. आरएलडी-सपा गठबंधन- 77,677
3. बसपा- 38,020
4. कांग्रेस- 1,343
5. आसपा- 1,338
2022 के विधानसभा चुनाव में नेहटौर विधानसभा सीट से बीजेपी के ओमकार ने मात्र 258 वोटों से जीत हासिल की. बीजेपी उम्मीदवार ने सपा-आरएलडी गठबंधन के मुंशीराम को 258 वोटों के मामूली अंतर से हराया. बीजेपी को 38.98 और सपा-आरएलडी गठबंधन को 38.86 प्रतिशत वोट मिले. दोनों दलों के बीच सिर्फ और सिर्फ 0.12 प्रतिशत वोटों का फासला रहा. 2022 में बीजेपी और सपा-आरएलडी गठबंधन के बीच 258 वोटों का अंतर यह दिखाता है कि यहां बेहट कांटे की लड़ाई हुई थी.
एससी वर्ग के लिए सुरक्षित सीट पर बसपा भी 19.02 फीसदी वोटों के साथ 38 हजार वोट पाने में कामयाब रही. कांग्रेस तो आजाद समाज पार्टी से सिर्फ 5 वोट ही ज्यादा हासिल किए, लेकिन दोनों ही जमानत जब्त होने वाले हाशिए पर पहुंच गए थे.
2022 के विधानसभा चुनाव में आरक्षित सीट होने के नाते मुस्लिम, जाट, सैनी, क्षत्रिय वोट यहां निर्णायक भूमिका में आ गए. इस सीट पर आरएलडी के साथ जाट पूरा नहीं गया. सपा गठबंधन को मुस्लिम वोट का पूरा मिला और जाट वोट बीजेपी और आरएलडी में बंट गए. बीजेपी को सामान्य वर्ग का पूरा वोट मिला और सैनी, कश्यप, प्रजापति मतदाता का साथ. यही वजह है कि दोनों दलों के बीच कांटे का मुकाबला दिखा.
2022 में नेहटौर में कांटे की लड़ाई हुई लेकिन साल 2024 के लोकसभा चुनाव में चंद्रशेखर आजाद की एंट्री ने सपा और बसपा का खेल बिगाड़ दिया. नेहटौर विधानसभा सीट नगीना लोकसभा सीट का हिस्सा है.
2024 के चुनाव में नेहटौर विधानसभा सीट पर किस पार्टी को कितने वोट मिले
1. आसपा- 1,03,544
2. बीजेपी- 72,520
3. सपा- 7,732
4. बसपा- 2,574
2024 के लोकसभा चुनाव में नेहटौर विधानसभा सीट पर आजाद समाज पार्टी के चंद्रशेखर आजाद ने 31,024 वोटों से जीत दर्ज की. सपा के मनोज कुमार पर मुस्लिम मतदाता नहीं गए. मुस्लिम समाज का पूरा वोट चंद्रशेखर आजाद को शिफ्ट हो गया, क्योंकि वो नगीना लोकसभा सीट पर बीजेपी को हराते दिख रहे थे.
वहीं बसपा का मूल वोट भी आजाद समाज पार्टी के पास पूरी तरह से चला गया. आजाद समाज पार्टी के चंद्रशेखर आजाद को एससी और मुस्लिम समाज का पूरा वोट 2024 के लोकसभा चुनाव में नेहटौर सीट पर चला गया. इसीलिए सपा को मात्र 7,732 और बसपा को 2,574 वोट मिले.
2024 के लोकसभा चुनाव में नेहटौर सीट पर बीजेपी उम्मीदवार को जाट, सैनी समेत सामान्य वर्ग का पूरा वोट मिला. करीब करीब 2022 में बीजेपी को जो वोट मिले थे, वही वोट उसे 2024 के लोकसभा चुनाव में मिले. हालांकि 2022 के मुकाबले 2024 में बीजेपी के 5,415 वोट कम हुए.
वहीं 2022 की तुलना में 2024 में सपा को 69,945 वोट और बसपा को 35,446 वोट कम मिले. अब यह पूरा का पूरा वोट आसपा पर शिफ्ट हो गया, लेकिन 2027 में एक बार फिर से मुख्य लड़ाई बीजेपी और सपा के बीच दिखाई देगी. बसपा का वोट आजाद समाज पार्टी काट सकती है. आरक्षित सीट होने के नाते सपा के लिए मुस्लिम तो भाजपा के लिए जाट और सैनी वोट पूरा मिलना महत्वपूर्ण होगा.
नेहटौर (सु) सीट का सामाजित समीकरण (अनुमानित)
1. मुस्लिम- 1.10 लाख
2. एससी- 60 हजार
3. राजपूत- 32 हजार
4. जाट- 30 हजार
5. सैनी- 25 हजार
6. कश्यप- 5 हजार
7. ब्राह्मण- 5 हजार
8. त्यागी- 4 हजार
9. पाल- 4 हजार
10. भुईयां- 3 हजार
11. प्रजापति- 4 हजार
12. नाई- 3 हजार
13. बनिया- 3 हजार
नेहटौर (सु) विधानसभा सीट पर मुस्लिम मतदाता पहले नंबर पर हैं. एससी समाज का वोट दूसरे नंबर पर आता है. इनके बाद सबसे महत्वपूर्ण वोट जाट, सैनी, राजपूत समाज का है. लेकिन लगभग 20 हजार अति पिछड़े वोट भी यहां अति महत्वपूर्ण श्रेणी में आते हैं. 2027 विधानसभा चुनाव में नेहटौर सीट पर बेहद कांटे की लड़ाई के साथ बेहद रोचक मुकाबला देखने को मिल सकता है.
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