Milkipur ByPoll Result: मिल्कीपुर में क्या है चंद्रशेखर आजाद की आजाद समाज पार्टी (K) का हाल? जानें- कितने वोट मिले
Milkipur ByPoll Result: मिल्कीपुर उपचुनाव में चंद्रशेखर आजद ने संतोष कुमार को आसपा का उम्मीदवार बनाया था. माना जा रहा था कि आसपा के आने से चुनाव त्रिकोणीय हो सकता है.

Milkipur ByPoll Result: उत्तर प्रदेश की मिल्कीपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव की आज मतगणना हो रही है. मिल्कीपुर में हर राउंड के साथ भारतीय जनता पार्टी लगातार बढ़त बनाती जा रही है, जबकि दूसरे नंबर पर समाजवादी पार्टी है. हालांकि दोनों के बीच बढ़त का अंतर बहुत ज्यादा हो गया है. इस बीच इस सीट पर चंद्रशेखर आजाद की आसपा को लेकर भी चर्चा है. आईए आपको बताते हैं कि पहले नौ राउंड की काउंटिंग में आसपा प्रत्याशी संतोष कुमार कौन से स्थान पर बने हैं और उनका क्या हाल है.
चुनाव आयोग की वेबसाइट पर मिली जानकारी के मुताबिक मिल्कीपुर में सुबह 11.25 बजे तक नौ राउंड की काउंटिंग हो चुकी हैं. जिसमें आज़ाद समाज पार्टी के उम्मीदवार संतोष कुमार तीसरे नंबर पर चल रहे हैं लेकिन, उन्हें बहुत कम वोट मिले हैं. आसपा प्रत्याशी को अभी तक दो हजार वोट तक नहीं मिल पाएं हैं. जबकि भाजपा प्रत्याशी चंद्रभानु पासवान सपा से 25527 वोटों की बढ़त के साथ आगे चल रहे हैं.
मिल्कीपुर में चंद्रशेखर आजाद की पार्टी का हाल
मिल्कीपुर में पहले राउंड से ही भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार चंद्रभानु पासवान ने बढ़त बनाई हुई हैं. हर राउंड के साथ उनकी बढ़त ज्यादा होती जा रही है, जिसके बाद उनके जीत की राह की आसान होते दिख रही है. मिल्कीपुर में दूसरे नंबर पर समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार अजीत प्रसाद हैं, लेकिन भाजपा को मिले वोट और उन्हें मिले वोटो में अब काफी बड़ा फासला आ चुका है. जिसे पार कर पाना सपा के मुश्किल दिख रहा है.
मिल्कीपुर में नौवें राउंड की काउंटिंग तक बीजेपी के चंद्रभानु पासवान को 47322 वोट, सपा के अजीत प्रसाद को 21795 और आज़ाद समाज पार्टी के प्रत्याशी संतोष कुमार को 1547 मिले हैं. ऐसे में आसपा यहां बेहद कमजोर दिखाई दे रही हैं.
बता दें कि मिल्कीपुर में चंद्रशेखर आज़ाद ने समाजवादी पार्टी के बागी नेता को उम्मीदवार बनाया था, जिसके बाद इस सीट पर मुकाबला त्रिकोणीय होने की उम्मीद जताई जा रही थी लेकिन जिस तरह से आसपा को इतने कम वोट मिले हैं उससे साफ़ है कि अभी आसपा को जमीन तलाशने के लिए और मेहनत करनी पड़ेगी. जानकारों की मानें तो आसपा ने लोकसभा चुनाव में एक सीट जीतने के बाद अतिउत्साह में उपचुनाव में उतरने के फैसले लिए. जिसका परिणाम फिलहाल तो उनके लिए सुखद नहीं है.
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