Gorakhpur News: गोरखपुर में गैस संकट से बाजार में मची लूट, दुकानों से इंडक्शन और हीटर गायब, दाम बढ़ने के आसार
Gorakhpur News In Hindi: बाजार में 2,000 से 3,000 रुपये के बीच बिकने वाला इंडक्शन कुकर और 300 से 700 रुपये वाला साधारण हीटर अब ढूंढे नहीं मिल रहा है. इसके पीछे सप्लाई चेन का टूटना एक बड़ा कारण है.

खाड़ी देशों (इजरायल-ईरान) में चल रहे युद्ध का सीधा असर अब आम आदमी की रसोई और जेब पर भारी पड़ रहा है. देश में रसोई गैस (LPG) की भारी किल्लत के कारण लोगों में हाहाकार मचा हुआ है.
गैस न मिलने से परेशान लोग अब खाना पकाने के वैकल्पिक साधनों की ओर भाग रहे हैं, जिसका नतीजा यह हुआ है कि गोरखपुर के होलसेल और फुटकर बाजारों से इंडक्शन कुकर और इलेक्ट्रिक हीटर पूरी तरह से गायब (Out of Stock) हो गए हैं.
4 की जगह रोज बिक रहे 75 इंडक्शन
शहर के कोतवाली रोड स्थित इलेक्ट्रिकल होलसेल मंडी में इन दिनों सन्नाटा पसरा है, क्योंकि दुकानदारों के पास बेचने के लिए माल ही नहीं बचा है. महानगर इलेक्ट्रिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव रस्तोगी ने बताया कि आम दिनों में एक दुकान पर दिन भर में बमुश्किल 3 से 4 इंडक्शन चूल्हों की मांग होती थी. लेकिन गैस संकट के बाद यह डिमांड अचानक बढ़कर 70 से 75 पीस प्रतिदिन हो गई है.
होलसेल कारोबारी देव रस्तोगी के मुताबिक, पिछले दो दिनों में ही उन्होंने 150 से ज्यादा इंडक्शन चूल्हे बेच दिए हैं. अब स्थिति यह है कि फुटकर दुकानदार और ग्रामीण क्षेत्रों के ग्राहक ब्रांडेड इंडक्शन और हीटर मांग रहे हैं, लेकिन स्टॉक खत्म हो चुका है.
क्यों पैदा हुई किल्लत और दिल्ली का 'ईरान कनेक्शन'
बाजार में 2,000 से 3,000 रुपये के बीच बिकने वाला इंडक्शन कुकर और 300 से 700 रुपये वाला साधारण हीटर अब ढूंढे नहीं मिल रहा है. इसके पीछे सप्लाई चेन का टूटना एक बड़ा कारण है. इंडक्शन और हीटर का कच्चा माल और पार्ट्स मुख्य रूप से दिल्ली से आते हैं. बताया जा रहा है कि इन पार्ट्स का कनेक्शन कहीं न कहीं ईरान से है. युद्ध के कारण सप्लाई बाधित होने से दिल्ली की करीब 20% फैक्ट्रियां बंद होने की कगार पर हैं. बड़ी कंपनियां भी इस अचानक आई भारी डिमांड के अनुसार प्रोडक्शन (उत्पादन) और सप्लाई नहीं कर पा रही हैं.
महंगाई और बिजली बिल का 'डबल अटैक'
आने वाले दिनों में जनता को महंगाई की दोहरी मार झेलनी पड़ सकती है. राजीव रस्तोगी ने बताया कि डिमांड अधिक होने और पीछे से माल महंगा आने के कारण, बाजार में जो नया स्टॉक आएगा, उसकी कीमतों में 10 से 15% की बढ़ोतरी होना तय है. उन्होंने दुकानदारों से अपील की है कि वे संकट के इस समय में एमआरपी (MRP) से अधिक दाम पर माल न बेचें.
बिजली बिल का झटका
एक सामान्य इंडक्शन कुकर करीब 2000 वॉट (Watt) बिजली की खपत करता है. आगामी गर्मी के मौसम में जब घरों में एसी (AC) और कूलर चलेंगे, तो साथ में इंडक्शन के इस्तेमाल से आम आदमी का बिजली बिल कई गुना बढ़ जाएगा, जो एक नया आर्थिक संकट पैदा करेगा.
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Source: IOCL
























