झांसी में पहली महिला ऑटो चालक की हत्या, सड़क किनारे खून से लथपथ मिला शव
Jhansi News: अनीता चौधरी झांसी की पहली महिला ऑटो ड्राइवर थी, परिवार की आर्थिक स्थिति ख़राब होने की वजह से उसने ऑटो चलाना शुरू किया था. पुलिस अधिकारियों ने भी उन्हें सम्मानित किया था.

झांसी की पहली महिला ऑटो चालक अनीता चौधरी की गोली मारकर हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है. देर रात महिला का रक्तरंजित शव सुकुवां-ढुकुवां कॉलोनी के पास पड़ा मिला, जबकि कुछ दूरी पर उसकी ऑटो सड़क पर पलटी हुई हालत में मिला. शुरुआत में पुलिस इसे सड़क हादसा मानकर चल रही थी, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पूरे मामले की तस्वीर बदल दी.
ये घटना नवाबाद थाना क्षेत्र की है जहां तालपुरा मोहल्ला स्थित अंबेडकर नगर में रहने वाली अनीता रविवार की रात करीब 9:30 बजे ऑटो लेकर घर से निकली थी. रात करीब 1:30 बजे उसका शव मिलने की सूचना से इलाके में हड़कंप मच गया. परिजनों ने मौके पर पहुंचकर हत्या के साथ लूटपाट का आरोप लगाया.
परिजनों ने आरोप लगाया कि अनीता के शरीर से मंगलसूत्र, कान-नाक के गहने, पायल और मोबाइल फोन गायब था. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने से पहले पुलिस हादसे की थ्योरी मानकर चल रही थी, यहां तक कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पुलिस ने बिना पुष्टि के खबरें न चलाने की अपील की. लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद हत्या की पुष्टि हुई.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुआ हत्या का खुलासा
पीएम रिपोर्ट में अनीता के गले को भेदती हुई गोली सिर में फंसी मिली और छर्रों के स्पष्ट निशान मिलने के बाद पुलिस को अपनी जांच की दिशा बदलनी पड़ी. इस मामले में चश्मदीद का बयान भी सामने आया है. उसने बताया कि घटना के वक्त वह अनीता के साथ ऑटो में मौजूद था. आरोपी ने अचानक गोली चलाई, जिसकी आवाज से उसके कान सुन्न हो गए.
गोली चलाने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए. चश्मदीद के अनुसार, आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में पूरी वारदात कैद हुई है, जिसे पुलिस खंगाल रही है.
3 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज
परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने अनीता के मित्र मुकेश झा, उसके बेटे शिवम और मनोज के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया है. शिवम और मनोज को हिरासत में ले लिया गया है जबकि मुख्य आरोपी मुकेश झा फरार है. उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है और उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है.
अनीता चौधरी की कहानी संघर्ष और साहस की मिसाल थी. स्नातक होने के बावजूद पारिवारिक आर्थिक तंगी के चलते उसने ऑटो चलाने का फैसला किया और झांसी की पहली महिला ऑटो चालक बनी. कई सामाजिक संस्थाओं और पुलिस अधिकारियों ने उसके हौसले को सराहा था. पुलिस का कहना है कि आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी कर मामले का खुलासा किया जाएगा.
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