Hapur News: मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में 517 जोड़ों की शादी निरस्त, फटा टेंट देख भडके DM
Hapur News In Hindi: जिस ठेकेदार को इस आयोजन के लिए पांडाल और भोजन-पानी के लिए टेंडर मिला, उसने लापरवाही और धांधली करते हुए समारोह स्थल पर फटे हुए टैंण्ट का पांडाल लगा दिया.

उत्तर प्रदेश के जनपद हापुड़ में मुख्यमंत्री सामूहिक योजना के तहत 517 जोड़ों की शादियां ठेकेदार द्वारा की जा रही धांधली की भेंट चढ़ गई. मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाली इस योजना में शासन स्तर पर 517 जोड़ों की शादी के भव्य आयोजन के लिए अच्छी-खासी धनराषि को आवंटित किया गया था, लेकिन जिस ठेकेदार को इस आयोजन के लिए पांडाल और भोजन-पानी के लिए टेंडर मिला, उसने लापरवाही और धांधली करते हुए समारोह स्थल पर फटे हुए टैंण्ट का पांडाल लगा दिया और भोजन की क्वालिटी को भी घटिया स्तर का रखा.
इसका खुलासा तब हुआ, जब मंगलवार को होने वाले शादी समारोह के आयोजन से पहले जिलाधिकारी अभिषेक पाण्डेय और मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु गौतम कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण करने के लिए पहुंचे. बताया जा रहा है कि यहां अधिकारियों ने जब ठेकेदार से उक्त आयोजन को भव्य बनाने के लिए ठेकेदार से व्यवस्थाओं को दुरूस्त करने के लिए कहा, तो अधिकारियों और ठेकेदार के बीच जमकर कहासुनी भी हुई.
डीएम ने अव्यवस्थाओं को लेकर निरस्त किया आयोजन
डीएम ने निर्णय लेते हुए तत्काल मंगलवार को 517 जोड़ों के होने वाले विवाह के आयोजन को निरस्त कर दिया और ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए उसे न सिर्फ जनपद हापुड़ से फर्म को कारण बताओ नोटिस दिया गया और पूछा गया क्यों आपको ब्लैकलिस्टेड न किया जाए. बल्कि शासन में भी फर्म को पूरे उत्तर प्रदेश में ब्लैक लिस्टेड किये जाने के लिए पत्र लिखा है.
शासन की प्राथमिकता में शामिल है योजना
इस संबंध में हापुड़ जिलाधिकारी अभिषेक पाण्डेय ने बताया कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना शासन की प्राथमिकता योजनाओं में से हैं. जिसमें वर-वधू के खाते में रूपये, इसके अलावा नई गृहस्थी शुरू करने के लिए उपहार स्वरूप तमाम प्रकार की वस्तुएं और इसके अलावा भव्य आयोजन कराया जाता है, जिसमें पंड़ित, मौलवी आदि के अलावा भोजन-पानी की व्यवस्था की जाती है.
अब 7 से 8 दिनों बाद होगा कार्यक्रम
डीएम ने बताया कि मंगलवार को हापुड़ में 517 जोड़ों का सामूहिक विवाह होना था. इसके लिए अच्छी खासी धनराषि की भी व्यवस्था की गई थी. जिले के समाज कल्याण विभाग द्वारा टेंडर के माध्यम से कांट्रैक्टर का चयन किया गया था, जिसमें पांडाल एवं खाने के लिए भोजन और पानी आदि शामिल था. लेकिन इस कार्यक्रम में कांट्रैक्टर के द्वारा धांधली की जा रही थी. कार्यक्रम स्थल पर पांडाल फटा हुआ लगाया गया था और भोजन की क्वालिटी भी सही नहीं थी. जिसके बाद यह तय किया गया कि इन कांट्रैक्टर से काम नहीं कराया जाएगा. डीएम ने बताया कि निरस्त हुए इस कार्यक्रम को अब आने वाले 7 से 10 दिन के अंदर कराया जाएगा और इसके लिए लाभार्थियों को सूचना दे दी जाएगी.
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Source: IOCL























