गाजियाबाद की क्रॉसिंग रिपब्लिक सोसाइटी में बारिश से बिगड़े हालात, लाइट, लिफ्ट और पानी सप्लाई ठप
UP News: क्रॉसिंग रिपब्लिक की सुशांत एक्वा सोसाइटी में बारिश के बाद हालात बेहद खराब हो गए हैं. यहां बारिश के बाद लाइट, लिफ्ट और पानी सप्लाई पूरी तरह ठप हो गई है.

गाजियाबाद के क्रॉसिंग रिपब्लिक की सुशांत एक्वा सोसाइटी में बारिश के बाद हालात बेहद खराब हो गए हैं. एक तरफ जहां सोसाइटी के एक हिस्से में बेसमेंट धंसने से गाड़ियां गड्ढे में गिर गईं, वहीं दूसरी तरफ अन्य ब्लॉक्स में 7 से 8 फीट तक पानी भर गया है, जिससे लोगों का रहना मुश्किल हो गया है.
इस जलभराव के कारण पिछले 24 घंटे से सोसाइटी में बिजली, पानी और लिफ्ट जैसी जरूरी सुविधाएं पूरी तरह ठप हैं. लोग घरों में फंसे हुए हैं, खासकर बुजुर्ग, महिलाएं और छोटे बच्चों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. सोसाइटी में इमरजेंसी जैसी स्थिति बन चुकी है. लोग लगातार प्रशासन से मदद की गुहार लगा रहे हैं, लेकिन अब तक कोई राहत नहीं मिली है.
लोगों की परेशानी और बयान
ABP News ने ग्राउंड पर पहुँच कर लोगों की परेशानी को समझा , बेसमेंट में 24 घंटे से ज़्यादा समय से भरे पानी को, डूबी हुई लिफ्ट को और लोगों की स्थिति को समझा . यहाँ के निवासियों ने अपना दर्द और प्रशासन की उदासीनता हमे बतायी है.
मेंटेनेंस के बावजूद नहीं हैं कोई व्यवस्था
जयमाला, जो पिछले 11 साल से सोसाइटी में रह रही हैं, बताती हैं कि बेसमेंट में कई फीट तक पानी भर चुका है. पंप और मोटर पानी में डूब चुके हैं, जिससे पानी बाहर निकालना भी संभव नहीं है. उनका कहना है कि पहले कभी इतनी बुरी स्थिति नहीं हुई थी. वहीं हिना गुप्ता ने बताया कि मेंटेनेंस शुल्क समय पर देने के बावजूद, सोसाइटी में मूलभूत व्यवस्था नहीं है. बारिश के दौरान हर बार दिक्कतें होती हैं, लेकिन इस बार स्थिति और भी खराब है. वहीं एक अन्य महिला निवासी ने बताया कि रात से ही पानी भरा है और स्थिति इतनी बिगड़ चुकी है कि लोग बहुत परेशान हैं.
दो टावरों की धंस चुकी है पार्किंग
गुलशन नाम के शख्स, जो पिछले 10 साल से यहां रह रहे हैं, ने बताया कि 8 से 10 फीट तक पानी भर गया है, बिजली और पीने का पानी भी नहीं है. लिफ्ट बंद है, पॉवर बैकअप भी काम नहीं कर रहा, और लगभग 500-600 लोग इस स्थिति से जूझ रहे हैं. उन्होंने बताया कि चार टावरों में से दो की पार्किंग धंस चुकी है, जिसमें गाड़ियां गिर गईं, और बाकी टावरों में भी हादसे का डर बना हुआ है.
प्रशासन की तरफ से नहीं की गई मदद
वरुण राणा, एक अन्य निवासी ने बताया कि बेसमेंट की गहराई करीब 12 फीट है, और यहीं पर बिजली और पानी की मुख्य व्यवस्था थी जो अब पूरी तरह पानी में डूब चुकी है. उनका कहना है कि प्रशासन से अब तक कोई मदद नहीं आई है और लोगों की जान को खतरा है. लोगों की मांग है कि प्रशासन जल्द से जल्द स्थिति को संभाले, राहत पहुंचाए और ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए ठोस इंतज़ाम करे.
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Source: IOCL





















