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Coronavirus ने लगाया ताजनगरी के पर्यटन उद्योग पर ग्रहण, 372 साल में दूसरी बार ताज 15 दिनों के लिए बंद
Coronavirus ने आगरा के पर्यटन उद्योग पर ग्रहण लगा दिया है। 372 साल में दूसरी बार ताजमहल को 15 दिनों के लिए बंद किया गया है। वहीं, आगरा घूमने पहुंचने वाले पर्यटकों की संख्या में खासा गिरावट आई है।

आगरा, नितिन उपाध्याय। कोरोना वायरस (Coronavirus) ने ताजनगरी आगरा के पर्यटन उद्योग पर ग्रहण लगा दिया है। कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के दृष्टिगत 31 मार्च तक देशभर के स्मारकों को बंद रखा जाएगा। केंद्रीय पर्यटन मंत्री ने इसके बाबत निर्देश जारी किए हैं। कोरोना की वजह से 372 साल में दूसरी बार ताजमहल को 15 दिनों के लिए बंद किया गया है। ताजमहल के साथ ही, फतेहपुर सीकरी और आगरा किला समेत सभी स्मारकों को बंद रखा गया है।
1971 के बाद दूसरी बार 15 दिनों के लिए बंद ताजमहल
बता दें कि 1632 से 1648 के बीच तामीर किए गए ताजमहल के दरवाजे तीन बार बंद हुए हैं। पहली बार 1971 की भारत-पाकिस्तान जंग के दौरान दिसंबर में ताजमहल में 15 दिनों के लिए पर्यटकों का प्रवेश बंद किया गया था। उसके 49 साल बाद फिर से 15 दिनों के लिए ताजमहल को बंद करने के आदेश जारी किए गए हैं। इस बार वजह कोरोना वायरस है।
1978 की बाढ़ के दौरान 7 दिनों के लिए बंद किया गया था ताज
1978 की बाढ़ के दौरान सितंबर के महीने में सात दिन के लिए स्थानीय प्रशासन ने ताजमहल को बंद किया था। तब बाढ़ का पानी पूरे शहर में आ गया था। लोग बाढ़ का पानी देखने के लिए ताज जाते थे। हजारों के हुजूम में कोई हादसा न हो जाए, इसलिए डीएम के आदेश पर सात दिन के लिए ताज बंद किया गया था।
1984 में इंदिरा गांधी की हत्या के बाद रातभर बंद रहा था ताज
1984 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद के हालातों को देखते हुए गृह मंत्रालय ने ताजमहल को रात में बंद कर दिया था। उससे पहले ताज रात 12 बजे तक पर्यटकों के लिए खुलता था। चमकी के लिए पूर्णिमा से तीन दिन पहले और तीन दिन बाद तक मेला लगता था। 1984 में रात में ताज बंद करने के अगली सुबह से शाम तक ही ताज खोला जाने लगा। बाद में सभी स्मारकों का समय सूर्योदय से सूर्यास्त कर दिया गया।
कोरोना ने लगाया ग्रहण
सोमवार को ताजमहल पर महज 8709 सैलानी आए थे, जबकि बीते सोमवार को 15 हजार सैलानियों ने ताजमहल देखा था। इस सोमवार को 7533 भारतीय पर्यटक, 1104 विदेशी पर्यटक और सार्क के महज 52 सैलानी ही आए। वीजा कैंसिल होने और कोरोना वायरस के खौफ के कारण सप्ताह भर में ही पर्यटकों की संख्या आधी रह गई। आगरा किले में 4 हजार तक और फतेहपुर सीकरी में दो से ढाई हजार सैलानी ही पहुंच रहे हैं।
टूट जाएगी उर्स की परंपरा
कोरोना की वजह से शाहजहां के 365वें उर्स की परंपरा टूट जाएगी। ताजमहल में 21 से 23 मार्च के बीच तीन दिवसीय उर्स का आयोजन होना है, लेकिन इससे पहले ही संस्कृति मंत्रालय ने कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण ताजमहल समेत सभी स्मारकों को बंद करने का आदेश दिया है।
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