बागपत में राशन वितरण में घोटाला, अनाज के ट्रकों में ईंट-पत्थर भरकर सैकड़ों क्विंटल की गड़बड़ी
Baghpat News: आरोप है कि एफसीआई गोदाम से दुकानों तक भेजे जाने वाले राशन के ट्रकों में पत्थर और इंटरलॉकिंग ईंटें भरकर वजन पूरा कर हर महीने 500 से 600 क्विंटल राशन गायब कर दिया जाता है.

उत्तर प्रदेश के बागपत में गरीबों के हक पर बड़ा डाका डालने का मामला सामने आया है. जहां एफसीआई के गोदामों से राशन की दुकानों तक भेजे गए राशन के ट्रकों में ईंट-पत्थर भरकर वजन पूरा किया जाता है और हर महीने 500-500 क्विंटल तक राशन ग़ायब कर दिया जा रहा है. इस मामले का खुलासा होने के बाद हड़कंप मच गया है.
बागपत में राशन वितरण व्यवस्था में इतनी बड़ी गड़बड़ी सामने आने के बाद पूरी प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. आरोप है कि एफसीआई गोदाम से दुकानों तक भेजे जाने वाले राशन के ट्रकों में पत्थर और इंटरलॉकिंग ईंटें भरकर वजन पूरा दिखाया गया और इसी बहाने हर महीने 500 से 600 क्विंटल राशन गायब कर दिया जाता है.
रास्ते में गायब कर दिया जाता है राशन
जानकारी के मुताबिक, बागपत में चमरावल मार्ग स्थित गोदाम से गेहूं और चावल ट्रकों के जरिए गांवों की राशन दुकानों तक भेजा जाता है. रास्ते में ट्रकों में कम राशन रखकर केबिन के पीछे बने बॉक्स में पत्थर भर दिए जाते हैं, ताकि धर्म कांटे पर तौल के समय गड़बड़ी पकड़ी न जा सके.
ठेकेदार, ट्रक ड्राइवर और परिचालक की भूमिका पर सवाल
इस पूरे मामले में ठेकेदार, ट्रक चालक और परिचालक व कुछ अन्य लोगों की भूमिका सामने आई है. इन सभी की मिलीभगत से गरीबों के हिस्से का अनाज बीच रास्ते में ही कम कर दिया जाता है. बताया जा रहा है कि जिले की 376 राशन दुकानों तक एफसीआई का गेहूं और चावल पहुंचता है लेकिन, डीलरों तक माल कम पहुंचता है. बाद में यही कमी कार्ड धारकों पर डाल दी जाती है, जिससे जरूरतमंदों को पूरा राशन नहीं मिल पाता.
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि इस खेल में और कौन-कौन लोग शामिल हैं. फिलहाल जांच के बाद ही पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सकेगा. लेकिन, आरोप इतने गंभीर हैं कि प्रशासनिक स्तर पर सख्त कार्रवाई की मांग उठने लगी है. गरीबों के हक के अनाज में इस तरह की कथित चोरी न सिर्फ व्यवस्था पर सवाल उठाती है, बल्कि उन परिवारों की थाली पर भी सीधा असर डालती है, जिनके लिए यह राशन जीवन का सहारा है.
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Source: IOCL

























