Ayodhya News: राम भक्तों के लिए खुशखबरी, अब अयोध्या में श्रद्धालुओं को 10 रुपये में मिलेगा भरपेट भोजन
Ayodhya News In Hindi: गोंडा जनपद से आए राजू गुप्ता रामलला के दर्शन के लिए अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं को मात्र 10 रुपये में भोजन उपलब्ध करा रहे हैं.

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बाद उपजी ईधन की समस्या के बीच रामनगरी अयोध्या से सुकून देने वाली खबर सामने आई है. रामलला के मंदिर निर्माण के बाद जहां एक ओर रामनगरी में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ रहा है. वहीं दूसरी ओर सेवा और समर्पण की परंपरा भी अपने चरम पर नजर आ रही है. आज हम आपको एक ऐसे ही राम भक्त के बारे में बताने जा रहे हैं जो महज 10 रुपये में श्रद्धालुओं भरपेट भोजन की व्यवस्था शुरू की है.
दरअसल, अयोध्या में एक रामभक्त ने अनोखी पहल करते हुए श्रद्धालुओं के लिए महज 10 रुपये में थाली की व्यवस्था शुरू की है. जिससे की कोई भी भक्त भूखा न रहे और भरपेट भोजन कर प्रभु श्रीराम के दर्शन कर सके. राम मंदिर निर्माण के बाद से अयोध्या में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है.ऐसे में रामनगरी में सेवा भाव की मिसालें भी सामने आ रही हैं.
10 रुपये में श्रद्धालुओं को भरपेट भोजन
बता दें कि गोंडा जनपद से आए राजू गुप्ता ने एक ऐसी ही अनूठी पहल शुरू की है. जहां वे श्रद्धालुओं को मात्र 10 रुपये में भोजन उपलब्ध करा रहे हैं. राजू गुप्ता का कहना है कि उनका उद्देश्य केवल सेवा है.ताकि कोई भी श्रद्धालु, चाहे वह असहाय हो, निर्बल हो या आर्थिक रूप से कमजोर अयोध्या में भूखा न रहे.
'प्रतीकात्मक रूप पर लिया जा रहा है 10 रुपये'
उन्होंने बताया कि 10 रुपये की राशि केवल प्रतीकात्मक है. ताकि भोजन करने वाले को संकोच न हो और वह सम्मान के साथ भोजन ग्रहण कर सके. अयोध्या की प्राचीन परंपरा रही है कि यहां आने वाला कोई भी व्यक्ति भूखा न सोए. मठ-मंदिरों और धर्मशालाओं में सदियों से भोजन की व्यवस्था चलती रही है.
इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए राजू गुप्ता बिना किसी दान या सहयोग के अपनी जेब से यह सेवा चला रहे हैं. उनका कहना है कि वे मुख्यमंत्री की प्रेरणा से इस नव्य अयोध्या में अपना ‘गिलहरी योगदान’ दे रहे हैं. ताकि यहां आने वाला हर रामभक्त अपने साथ अच्छी यादें लेकर लौटे.
राजू की यह पहल न सिर्फ श्रद्धालुओं का दिल जीत रही है, बल्कि अयोध्या की सेवा, समर्पण और सनातन परंपरा को भी और मजबूत कर रही है. राजू के मुताबिक, हमने ये काम सिर्फ सेवा भाव से शुरू किया है. हमारा उद्देश्य है कि कोई भी श्रद्धालु भूखा न रहे. 10 रुपये सिर्फ एक प्रतीक है. ताकि हर कोई सम्मान के साथ भोजन कर सके.
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Source: IOCL



























