Ayodhya: राम मंदिर जाने के लिए बन रहे हैं चार पथ, 30 फुट की दूरी से ही करने होंगे प्रतिमा के दर्शन
अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के अलावा शहर का कायाकल्प भी हो रहा है. इसके लिए अयोध्या में प्रवेश द्वार से लेकर अलग-अलग स्थानों में सौंदर्यीकरण का काम भी चल रहा है.

UP News: अयोध्या (Ayodhya) में राम मंदिर (Ram Mandir) का 45 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है. मंदिर की बुनियाद और जमीन के ऊपर पूरा फाउंडेशन तैयार हो चुका है. 17000 पत्थरों से बुनियाद का पूरा स्ट्रक्चर तैयार किया गया है. 2024 जनवरी के तीसरे सप्ताह में भव्य मंदिर में श्रद्धालु अपने आराध्य श्री राम के दर्शन कर सकेंगे. हालांकि इसके बाद भी निर्माण का कार्य चलता रहेगा और 2025 तक पूरा मंदिर बनकर तैयार हो जाएगा.
चार पथ से गुजरकर होंगे मंदिर के दर्शन
राम मंदिर जाने के लिए चार मार्ग बनाए जा रहे हैं. पहला राम पथ, दूसरा भक्ति पथ, तीसरा धर्म पथ और चौथा जन्मभूमि पथ है. राम मंदिर में जाने से पहले सिंह द्वार से हो करके गुजरना होगा. उसके बाद नित्र मंडप, भजन मंडप और फिर गुड़ी मंडप होने के बाद प्रभु श्री राम के दर्शन होंगे. प्रभु श्री राम जी के दर्शन 30 फीट की दूरी से ही करने होंगे. राम मंदिर का निर्माण कार्य तेज गति से तो चल ही रहा है लेकिन मंदिर निर्माण कार्य पूरा होने से पहले ही श्री राम अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा. प्रथम फेज का काम 2023 के मार्च महीने में पूरा हो जाएगा और विमान के आने जाने का भी काम शुरू कर दिया जाएगा. राम मंदिर का शिखर 161 फिट ऊंचा होगा जिसे एयरपोर्ट, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन सभी जगह से देखा जा सकेगा.
इन ऋषियों की लगाई जाएंगी प्रतिमाएं
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट महासचिव चंपत राय ने कहा कि परिसर में महर्षि वाल्मिकी, महर्षि वशिष्ठ, महर्षि विश्वामित्र और महा ऋषि अगस्त की प्रतिमाएं लगाई जाएंगी. इसी प्रकार भगवान राम की जीवन से संबंधित निषाद राज माता शबरी,अहिल्या और जटायु इनको भी सम्मानजनक स्थान पर रखा जाएगा. ऋषि वशिष्ठ राम के गुरु हैं, ऋषि अगस्त ने भगवान राम को युद्ध जीतने का मंत्र दिया है, विश्वामित्र ने उनको शिक्षा दिया है. भगवान राम के जीवन काल से जुड़ी सभी मूर्तियों को लगाया जाएगा.
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Source: IOCL























