ताजनगरी को कूड़े की ढेर से नहीं मिली निजात, रिपोर्ट में दावा 6 टन सड़कों पर फेका जा रहा कूड़ा
आगरा में जूता निर्माण से रोजाना निकलने वाले 45 टन कचरे में से करीब 6 टन कचरा सड़कों पर फेंका जा रहा है. इससे ताजनगरी की छवि को नुकसान हो रहा है. नगर निगम ने 16 गाड़ियां कचरा जुटाने के लिए लगाई हैं.

Agra News: ताजनगरी आगरा ताजमहल के चलते पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है, इसके साथ ही आगरा जूता चप्पल निर्माण के लिए विश्व विख्यात है. आगरा में बड़े पैमाने पर जूता निर्माण का कार्य होता है, आगरा का जूता घेरूलू मांग का करीब 65 प्रतिशत की पूर्ति करता है. आगरा में बड़े पैमाने पर जूता निर्माण का कार्य होता है तो इसके साथ ही जूता उद्योग से निकलने वाला कचरा एक चुनौती बनता है. क्योंकि एक रिपोर्ट के अनुसार करीब 6 टन फुटवेयर कचरा रोजाना सड़को पर फेंका जा रहा है जो ताजनगरी की छवि को दूषित कर सकता है.
फुटवियर कचरे को सड़को नालों पर फेंका जाता है, साथ ही कचरे को जलाया भी जा रहा है. आगरा में रोजाना करीब 10 लाख जूते चप्पल का निर्माण किया जाता है जो देश में सप्लाई का 65 प्रतिशत भाग आगरा से ही जाता है. सीएसई की रिपोर्ट में ताजा आंकड़े जारी किए गए है, रिपोर्ट के अनुसार आगरा में रोजाना करीब 6 टन कचरा सड़को या नालों में फेंका जा रहा है. फुटवेयर उद्योग से रोज करीब 45 टन कचरा निकलता है, जिसके लिए मैनेजमेंट भी अलग है.
16 गाड़ियां कचरा जुटाने के लिए लगाई
सीएसई की रिपोर्ट के अनुसार 45 टन कचरे में औपचारिक फुटवियर विनिर्माण क्षेत्र में से 31 टन कचरा निकलता है, ये लोग खुद से ही कचरे का मैनेजमेंट करने का दावा करते है. अनौपचारिक क्षेत्र में करीब 13 टन कचरा निकलता है. जिसका 57 प्रतिशत कचरा ही नगर निगम कलेक्ट कर पा रहा है. आगरा नगर निगम की ओर 16 गाड़ियां कचरा जुटाने के लिए लगाई है जो अभी 100 प्रतिशत कचरे को नहीं जुटा पा रही है. जूता निर्माण से निकलने वाले कचरे को रिसाइकिल करने की कोशिश की गई थी पर वो अनुपयोगी लगा .
क्या बोले नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल
इस मामले को लेकर आगरा नगर निगम के नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने एबीपी लाइव से बात करते हुए बताया कि आगरा में 10 टन के करीब कचरा निकलता है. जिसे कलेक्ट करने के लिए 16 गाड़ियां लगाई लगी है. पर अभी 57 प्रतिशत कचरा ही कलेक्ट कर पा रहे है.कोशिश है कि जल्द ही 100 प्रतिशत कचरा कलेक्ट किया जाए. लोगो को भी जागरूक होना पड़ेगा कि कचरा बाहर फेंकने से नुकसान होता है. नालों में कचरा फेंका जाता है तो नाले चौक हो जाते है और पानी का ओवरफ्लो होता है. जिससे उन्हीं लोगों को परेशानी होती है.
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