राजस्थान भजनलाल शर्मा सरकार का दूसरा बजट होगा पेश, स्वास्थ्य और रोजगार पर होगा पूरा फोकस
Rajasthan Budget 2025: राजस्थान का दूसरा बजट स्वास्थ्य पर फोकस करेगा और नौकरी घोषणाओं पर ध्यान देगा. पिछले बजट में स्वास्थ्य के लिए 8.26% आवंटित किया गया था, 21000 चिकित्सा कर्मचारियों की नियुक्ति की गई थी.

Rajasthan Budget 2025 Expectations: राजस्थान में भजनलाल शर्मा सरकार अपना दूसरा बजट फरवरी में पेश करने जा रही है. इस बार राज्य में कई मुद्दे हैं लेकिन स्वास्थ्य पर ज्यादा फोकस होगा. क्योंकि, लगातार मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा रोजगार की बात करे रहे हैं. इसलिए इस बजट में बड़ी संख्या में नौकरी की घोषणा हो सकती है. स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए पिछले बजट में कुल बजट का 8.26 प्रतिशत आवंटित किया था.
चूंकि, राज्य में कोई बड़ा चुनाव नहीं इसलिए सरकार रोजगार पर पूरा फोकस कर रही है. रोजगार के हिसाब से चिकित्सकों, नर्सिंग एवं पैरामेडिकल स्टाफ के करीब 21 हजार पदों पर नियुक्ति दी हैं. चिकित्सा विभाग में लगभग 50 हजार पदों पर भर्ती का लक्ष्य है, जिसे हम जल्द पूरा करेंगे. टेलीमेडिसिन की सुविधा, 1 लाख 67 हजार स्वास्थ्य शिविर का आयोजन, प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्रों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी होगी. राज्य को टीबी मुक्त प्रदेश बनाने के लिए ‘टीबी मुक्त ग्राम पंचायत’ अभियान आयोजित और तेज हो सकता है.
इन योजनाओं को और मिल सकती है ताकत
पिछले बजट में मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के माध्यम से 25 लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार, कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए 73 डे केयर पैकेज, शिशुओं के उपचार के लिए 419 पीडियाट्रिक पैकेज, 8 लाख वरिष्ठ नागरिकों के लिए कैशलेस उपचार की घोषणा की गई थी. जिस पर काम हो रहा है.
मां वाउचर योजना से गर्भवती महिलाओं को अधिकृत निजी सोनोग्राफी केंद्रों से सोनोग्राफी कराने की निशुल्क है. वहीं, इन योजनाओं को ताकत दी जा सकती है. प्रदेश में ट्रांसप्लांट सर्विस को और विकसित करने, हैल्थ सेक्टर में पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप को और बढ़ाने, हैल्थ रिसर्च में बढ़ोतरी, मेडिकल ट्यूरिज्म और हैल्थ सेक्टर में ट्रेनिंग, आमजन में हैल्थ के प्रति जागरूकता पर काम होगा.
आभा आईडी पर तेज होगा काम
प्रदेश में करीब 6 करोड़ लोगों की आभा आईडी बनाई जा चुकी है. आंकड़ों में राजस्थान देश में दूसरे स्थान पर है. राज्य सरकार द्वारा सीएचसी, पीएचसी, एसएचसी, ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट सहित विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों का निर्माण करवाया गया है. प्रदेश में 11 हजार 571 संस्थान आयुष्मान आरोग्य मंदिर के रूप में क्रियाशील किए जा चुके हैं. इस काम और तेज किया जा सकता है.
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