डकैत जगन गुर्जर जिसने वसुंधरा राजे को दी थी धमकी, सचिन पायलट के सामने किया सरेंडर, डर के मारे गांव में नहीं होती थीं शादियां
Dacoit Jagan Gurjar: 27 साल पहले जगन गुर्जर ने अपराध की दुनिया में कदम रखा था. गुर्जर के डर से उसके खुद के गांव में कई साल तक कोई शादी नहीं हुई. ऐसे में लोग गांव छोड़कर दूसरी जगह पलायन करने लगे.

राजस्थान का वो ‘खूंखार डकैत’ जिसके डर से गांव में शादियां होना बंद हो गई थीं, जिसके खुद के गांव में भी करीब10 वर्षों तक कोई शादी नहीं हुई थी. जो राजस्थान के धौलपुर के बीहड़ों में रहकर प्रदेश का सबसे बड़ा दस्यु बन गया था. आज उस डकैत की अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में हत्या कर दी गई.
जी हां, अजमेर स्थित हाई सिक्योरिटी जेल में खूंखार डकैत जगन गुर्जर की हत्या कर दी गई है. वारदात के बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया, जिसके बाद फिलहाल आलाधिकारी मौके पर मौजूद हैं.
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जेल में साथ बंद विष्णु भरतपुर ने हत्या की बात कबूली
बताया जा रहा है कि डकैत की हत्या करने वाला आरोपी विष्णु भरतपुर के जगीना हत्याकांड मामले में सजा काट रहा है. दोनों एक ही सेल में बंद थे. बीते सोमवार (29 जून) को 11.00 बजे से 3.00 बजे के बीच सेल बंद होने के बाद जब ड्यूटी स्टाफ ने सेल खोला तो फर्श पर डकैत जगन गुर्जर की बॉडी पड़ी थी. हार्डकोर अपराधी विष्णु ने जगन गुर्जर की हत्या करना कबूल किया है.
जगन कैसे बना डकेत?
जगन गुर्जर पहले सामान्य जीवन जी रहा था लेकिन साल 1994 में कुछ लोगों ने उसके जीजा की हत्या कर दी थी. इसको बाद उसने बदला लेते हुए हत्याएं कीं और फिर अपराध की दुनिया से कभी न लौट सका. उसके बाद उसने अपने भाई और पत्नी और कुछ रिश्तेदारों के साथ मिलकर गैंग बनाई और धौलपुर के बीहड़ों में रहने लगा.
27 साल पहले जगन गुर्जर ने अपराध की दुनिया में कदम रखा था और एक वक्त ऐसा आया जब कई गांव में जगन गुर्जर के डर से शादियां तक नहीं होती थीं. यहां तक कि उसके खुद के गांव में कई साल तक कोई शादी नहीं हुई. ऐसे में लोग गांव छोड़कर दूसरी जगह पलायन करने लगे. उसके खुद के पिता ने इसी डर से गांव छोड़ दिया.
वसुंधरा राजे को दी थी उड़ाने की धमकी
साल 2008 में गुर्जर आरक्षण के दौरान डकैत जगन गुर्जर ने वसुंधरा राजे के धौलपुर महल को उड़ाने की धमकी दी थी. इसके बाद जगन गुर्जर पर पुलिस ने 11 लाख रुपये का इनाम रखा था. इस घटना के बाद जगन गुर्जर देश भर में चर्चित हो गया.
कब कब किया सरेंडर
डकैत जगन गुर्जर ने पुलिस के सामने कई बार सरेंडर भी किया. सबसे पहले वर्ष 2001 में तत्कालीन पुलिस अधीक्षक धौलपुर बीजू जॉर्ज जोसफ के सामने सरेंडर किया था. 30 जनवरी 2009 डकैत जगन गुर्जर ने कैमरी गांव में जगन्नाथ मेले के दौरान कांग्रेस नेता सचिन पायलट के सामने अपने आपको सरेंडर किया था. 19 अगस्त 2018 को जगन गुर्जर ने बयाना में तीसरी बार पुलिस के सामने सरेंडर किया था.
वहीं, अंतिम बार जगन गुर्जर ने फरवरी 2022 में करौली पुलिस के सामने सरेंडर किया था लेकिन हर बार जेल से छूटने के बाद वो फिर से जुर्म करने लगता.
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