पंजाब में कानून व्यवस्था पर घमासान, विपक्ष ने सरकार से पूछे तीखे सवाल
Punjab News: तरन तारन में शादी समारोह के दौरान सरपंच की गोली मारकर हत्या के बाद पंजाब में कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं. जनवरी-फरवरी में लगातार हुई हत्याओं से सियासत गरमा गई है.

पंजाब में नए साल की शुरुआत जिस तरह से लगातार गोलियों की आवाज के साथ हुई है, उसने पूरे राज्य में डर और बेचैनी का माहौल बना दिया है. तरन तारन जिले में जहां शादी समारोह में आम आदमी पार्टी के सरपंच हरबरिंदर सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई. इस वारदात ने एक बार फिर राज्य की कानून व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है. विपक्ष ने भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरना शुरू कर दिया है.
बताया जा रहा है कि सरपंच हरबरिंदर सिंह एक शादी समारोह में शामिल होने पहुंचे थे. इसी दौरान हमलावर वहां आए और उन्हें निशाना बनाकर गोली मार दी. घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई.
सोशल मीडिया पर विदेश में बैठे आतंकी लखबीर सिंह लंडा हरिके ने कथित तौर पर इस हत्या की जिम्मेदारी ली. पुलिस मामले की जांच कर रही है, लेकिन इस घटना ने लोगों के मन में डर बैठा दिया है.
जनवरी से शुरू हुआ खूनखराबे का सिलसिला
पंजाब में जनवरी महीने की शुरुआत से ही हत्या की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं. 2 जनवरी को कपूरथला के सीनपुरा मोहल्ले में 40 वर्षीय महिला हेमप्रीत की घर में घुसकर गोली मारकर हत्या कर दी गई. बताया गया कि वह कुछ दिन पहले ही कनाडा से अपने बेटे से मिलकर लौटी थीं. दो युवक उनके घर में घुसे और गोलियां चलाकर फरार हो गए.
3 जनवरी को मोगा के धर्मकोट के भिंडर कलां गांव में कांग्रेस कार्यकर्ता उमरसिर सिंह की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई. वह अपनी कार से काम पर जा रहे थे, तभी हमलावरों ने रास्ते में उनकी कार रोक ली और ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं. पुलिस ने इस घटना को चुनावी रंजिश से जोड़ा था.
4 जनवरी को अमृतसर में शादी समारोह के दौरान सरपंच जरमल सिंह की सरेआम हत्या कर दी गई. इस वारदात का वीडियो भी सामने आया, जिसमें हमलावर सिर में गोली मारकर फरार होते दिखे. दविंदर बांबिह गैंग ने इस हत्या की जिम्मेदारी ली थी.
5 जनवरी को लुधियाना के जगराओं में कबड्डी खिलाड़ी गगनदीप सिंह की हत्या कर दी गई. हमलावरों का हौसला इतना बुलंद था कि हत्या के बाद वे खुद मृतक के घर पहुंचे और ऐलान किया कि उन्होंने उसे मार दिया है.
जनवरी के आखिर में भी नहीं थमा खून
28 जनवरी को मोहाली में एसएसपी दफ्तर के बाहर गुरविंदर सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई. इस हत्या की जिम्मेदारी विदेश में बैठे आतंकी गोल्डी बराड़ ने ली. बताया गया कि गुरविंदर सिंह उसके चचेरे भाई की हत्या के मामले में आरोपी था.
उसी दिन गुरदासपुर के डेरा बाबा नानक में दवा दुकानदार रणबीर सिंह की दुकान के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई. सुबह-सुबह दुकान खोलते समय उन पर हमला किया गया. गैंगस्टर डॉली बल ने हत्या की जिम्मेदारी ली और कहा गया कि मृतक से 50 लाख रुपये की फिरौती मांगी जा रही थी.
फरवरी में भी जारी वारदातें
6 फरवरी को जालंधर के मॉडल टाउन इलाके में आम आदमी पार्टी नेता लक्की ओबेरॉय की गोली मारकर हत्या कर दी गई. वह गुरुद्वारे से माथा टेककर बाहर निकले ही थे और कार में बैठे थे, तभी हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं.
7 फरवरी को होशियारपुर में एक रिटायर्ड पुलिस अधिकारी की पत्नी रचना देवी की उनके गांव में ही गोली मारकर हत्या कर दी गई. लगातार हो रही इन घटनाओं ने लोगों में असुरक्षा की भावना को और बढ़ा दिया है.
विपक्ष का सरकार पर हमला
लगातार बढ़ रही हत्याओं को लेकर विपक्ष ने आम आदमी पार्टी सरकार और मुख्यमंत्री भगवंत मान पर तीखा हमला बोला है. पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा बडिंग ने कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था पूरी तरह से बिगड़ चुकी है. उन्होंने यहां तक कहा कि कहीं पंजाब में राष्ट्रपति शासन लगाने की साजिश तो नहीं रची जा रही.
उनका कहना है कि भारतीय जनता पार्टी को पता है कि पंजाब में उनकी सरकार नहीं बनेगी, इसलिए माहौल खराब कर राष्ट्रपति शासन लागू करने की कोशिश हो सकती है. बडिंग ने यह भी आरोप लगाया कि व्यापारी फिरौती के फोन आने के बावजूद पुलिस में शिकायत दर्ज कराने से डर रहे हैं.
शिरोमणि अकाली दल अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने भी सरकार को घेरा और दावा किया कि सिर्फ जनवरी महीने में ही 25 हत्याएं हुई हैं. उनका कहना है कि राज्य में कोई भी जगह सुरक्षित नहीं बची है.
पुलिस का क्या कहना है
इन आरोपों के बीच पंजाब के पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने कहा है कि राज्य में अपराध का औसत राष्ट्रीय औसत से कम है. उनके मुताबिक प्रति एक लाख आबादी पर राष्ट्रीय अपराध दर 450 है, जबकि पंजाब में यह 227 है. हालांकि उन्होंने माना कि राज्य में हर साल औसतन करीब 700 हत्याएं हो रही हैं.
डीजीपी का कहना है कि पुलिस संगठित अपराध और गैंगस्टरों के खिलाफ विशेष अभियान चला रही है. विदेश में बैठे अपराधियों और आतंकियों को भारत लाने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान की ओर से अवैध हथियार पंजाब में भेजे जा रहे हैं, जो अपराध बढ़ने की एक बड़ी वजह है.
जनता में डर और सवाल
लगातार हो रही इन वारदातों से आम लोगों में डर का माहौल है. शादी समारोह, घर, दुकान, सड़क या दफ्तर के बाहर, कहीं भी लोग खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर पा रहे हैं. सोशल मीडिया पर भी लोग कानून व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रहे हैं.
सरकार का कहना है कि हालात नियंत्रण में हैं और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है. लेकिन जमीनी हकीकत यही है कि जनवरी और फरवरी के इन घटनाक्रमों ने पंजाब की सियासत और कानून व्यवस्था को लेकर नई बहस छेड़ दी है. आने वाले दिनों में यह मुद्दा और गरमा सकता है.
Source: IOCL























