Punjab Rain: पंजाब में रेल-रोड-स्कूल-कॉलेज बंद, फसलें तबाह, बारिश में कितनी बर्बादी? अब कैसा रहेगा मौसम?
IMD Punjab Weather: पंजाब में लगातार बारिश जारी है. मौसम विभाग ने 3 सितंबर तक बारिश को लिए ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी किया है. वहीं दूसरी ओर मॉनसून सिस्टम उत्तर-पश्चिम राजस्थान पर सक्रिय है.

पंजाब में भारी बारिश और बाढ़ की स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है. स्थिति इतनी गंभीर है कि लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है. गांव के गांव जलमग्न हैं. बाढ़ की स्थिति सबसे ज्यादा अगस्त के महीने में देखी गई.
महीने के अंत से शुरू हुई मॉनसून की भारी बारिश, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के कैचमेंट एरिया में हुई रिकॉर्ड बारिश, तथा भारत के बांधों (जैसे भाखड़ा, पोंग, रणजीत सागर) से पानी छोड़े जाने के कारण सतलुज, ब्यास और रावी नदियां उफान पर हैं.
यह बाढ़ 1988 की ऐतिहासिक बाढ़ से भी बदतर बताई जा रही है, जहां 75% फसलें बरबाद हो गई थीं. अभी की स्थिति की बात करें तो 22-23 जिलों में 1,300 से अधिक गांव बाढ़ की जद में हैं, लाखों एकड़ फसलें डूबी हुई हैं, और जान-माल का भारी नुकसान हो रहा है.
कितनी भयावह स्थिति है?
अगस्त से लेकर 2 सितंबर 2025, तक पंजाब में बारिश ने पिछले 25 सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है. उदाहरण के लिए, अमृतसर में 60.9 मिमी, बठिंडा में 62 मिमी, फरीदकोट में 48.8 मिमी, फिरोजपुर में 46 मिमी बारिश दर्ज की गई. चंडीगढ़ में भी भारी बारिश हुई, जिससे सड़कें जलमग्न हो गईं.
एक तरफ पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव है, जिस वजह से लगातार बारिश जारी है. मौसम विभाग ने 3 सितंबर तक बारिश को लिए ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी किया है. वहीं दूसरी ओर मॉनसून सिस्टम उत्तर-पश्चिम राजस्थान पर सक्रिय है.
अब तक कितना हुआ नुकसान?
इस बार की भारी बारिश में अब तक 26-29 लोगों ने जान गंवा दी है. 3 लोग लापता हैं. करीब 2.56 लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं, 15,688 को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है. बाढ़ और भारी बारिश ने शिक्षा और दैनिक जीवन पर भी असर डाला है. स्कूल, कॉलेज, यूनिवर्सिटी 3 सितंबर तक बंद हैं. कई जिलों में छुट्टियां बढ़ाई गईं है.
कृषि प्रधान राज्य पंजाब को फसलों का भी नुकसान हुआ है. कटाई के ठीक पहले ही करीब 3 लाख एकड़ धान की फसलें डूब गई है. इसके अलावा हजारों घर, सड़कें, रेल सेवाएं बाधित हैं. कई ट्रेनें रद्द या डायवर्ट हो रहे हैं.
सतलुज, ब्यास, रावी नदियों का स्टेटस
सतलुज, ब्यास, रावी नदियों के कैचमेंट एरिया में हिमाचल-जेकेएम में भारी बारिश से पानी का स्तर खतरे के पार पहुंच गया है. डैमों से पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे नदियों का स्तर बढ़ता ही जा रहा है और नदियां उफान पर हैं.
सतलुज बहुत ऊंचे से असाधारण ऊंचे के बीच बह रही है. ब्यास के स्तर की बात करें तो करीब 200,000 क्यूसेक के साथ ऊंचे स्तर पर बह रही है. चेनाब भी प्रभावित (773,400 क्यूसेक, माराला पर). 48 घंटों में और बाढ़ की आशंका है.
राहत बचाव कार्य जारी
NDRF (6 टीमें गुरदासपुर में, अन्य जिलों में 1-1), SDRF, आर्मी, नेवी, एयर फोर्स, BSF, पंजाब पुलिस सक्रिय हैं. 506 रिलीफ कैंप, 352 मेडिकल कैंप, 331 पशु चिकित्सा कैंप भी एक्टिव है.
केंद्र सरकार ने भी मदद का हाथ बढ़ाया है. PM नरेंद्र मोदी ने CM भगवंत मान से फोन पर बात की, हर संभव सहायता का आश्वासन. CM ने PM को Rs 60,000 करोड़ की मांग की है (पेंडिंग फंड्स). कैप्टन अमरिंदर सिंह ने स्पेशल पैकेज की अपील की है.
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Source: IOCL























