PNB धोखाधड़ी मामले में चंडीगढ़ ED की बड़ी कार्रवाई, 50 करोड़ की संपत्ति अटैच
PNB घोटाले में चंडीगढ़ ED ने 50 करोड़ की संपत्तियां अटैच की है. SHHOPL के निदेशकों पर 121.75 करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है, इस मामले में CBI जांच के बाद ED ने कार्रवाई की है.

पंजाब नेशनल बैंक (PNB) धोखाधड़ी मामले में चंडीगढ़ प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है. ईडी ने 50 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच कर दी हैं. यह संपत्तियां राजेश कुमार, चिराग गुप्ता, गौतम गुप्ता, अशोक कुमार और अमित कुमार गुप्ता से जुड़ी हुई हैं. यह मामला 121.75 करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा हुआ है, जिसमें फर्जी लोन लेकर घोटाला किया गया था.
जानें कैसे हुआ घोटाला?
यह धोखाधड़ी M/s श्री हरि हर ओवरसीज प्राइवेट लिमिटेड (SHHOPL) से जुड़ी है. इसके निदेशकों पर आरोप है कि उन्होंने PNB से करोड़ों रुपये का फर्जी लोन लिया और गलत डॉक्यूमेंट बना कर पैसे की हेराफेरी की. इस मामले का खुलासा CBI ने किया था, जिसके बाद ED ने मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की.
SHHOPL के निदेशक राजेश कुमार ने बैंक से लोन लिया और साजिश के तहत गिरवी रखी गई संपत्तियों को दोबारा खरीदने की योजना बनाई। इसके लिए उन्होंने दो फर्जी कंपनियों M/s सतीवा ग्लोबल एक्सपोर्ट्स और M/s सुपीरियर सॉयल प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल किया.
जानें ED ने कहां-कहां की संपत्ति अटैच?
ED की जांच में पता चला कि आरोपी राजेश कुमार ने अपने बेटों, चिराग गुप्ता और गौतम गुप्ता के नाम पर गुरुग्राम में फ्लैट खरीदे. इसके अलावा, चिराग गुप्ता ने फिक्स्ड डिपॉजिट में भी काले धन का ही निवेश किया.
वहीं इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने लगातार जांच जारी रखी है और इसमें शामिल दुसरे लोगों की संपत्तियों को भी खंगाला जा रहा है. मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े इस घोटाले में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं. ED ने यह साफ कर दिया है कि बैंक घोटाले से जुड़े किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा. सरकार की कड़ी निगरानी के चलते PNB घोटाले जैसे मामलों में अब तेजी से जांच हो रही है. ED की इस कार्रवाई से अब बैंकिंग क्षेत्र में पारदर्शिता को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.






















