अस्पताल से CM भगवंत मान की कैबिनेट मीटिंग, बाढ़ प्रभावित किसानों के लिए किया बड़ा ऐलान
Punjab Floods: पंजाब के सीएम भगवंत मान अस्पताल में भर्ती हैं. उन्हें अस्पताल में ड्रिप लगी हुई है लेकिन वो कैबिनेट की बैठक में शामिल हुए.

पंजाब सरकार ने बाढ़ प्रभावित किसानों के लिए 20000 रुपये प्रति एकड़ मुआवजे का ऐलान किया. सोमवार (8 सितंबर) को हुई कैबिनेट की बैठक में इसका फैसला लिया गया. पंजाब के सीएम भगवंत मान अस्पताल से कैबिनेट की बैठक में शामिल हुए. खराब सेहत की वजह से वो तीन दिनों से अस्पताल में भर्ती हैं. आम आदमी पार्टी की तरफ से जारी तस्वीर में देखा जा सकता है सीएम मान को ड्रिप लगी हुई है. मान सरकार ने फैसला लिया कि बाढ़ में आए रेत को भी किसान बेच सकेंगे. पंजाब सरकार ने जिसका खेत, उसकी रेत योजना को मंजूरी दी. बाढ़ग्रस्त इलाक़े में किसानों को माइनिंग का अधिकार दिया गया.
पंजाबियों के लिए CM मान का जज़्बा- आप
आम आदमी पार्टी ने एक्स पोस्ट में कहा, "पंजाब और पंजाबियों के लिए यह है CM मान का जज़्बा. मुख्यमंत्री की तबीयत ख़राब है, उन्हें अस्पताल में Drip लगी हुई है. लेकिन फिर भी पंजाब के प्रति अपनी ज़िम्मेदारी वह पूरी ईमानदारी से निभा रहे हैं. आज बाढ़ की स्थिति और राहत कार्यों को लेकर पंजाब सरकार की कैबिनेट बैठक हुई. इस दौरान CM भगवंत मान मीटिंग में अस्पताल से ही जुड़े और राहत व बचाव कार्यों का जायज़ा लिया. एक-एक पंजाबी की सेवा में भगवंत मान पूरी तरह से समर्पित हैं."
बाढ़ आपदा से फसलों की बर्बादी पर मुआवज़े का एलान—
— AAP (@AamAadmiParty) September 8, 2025
🔹₹20,000/एकड़ मुआवज़ा दिया जाएगा
🔹जो देश में किसी भी राज्य द्वारा दिया जाने वाला सबसे ज़्यादा मुआवज़ा है
🔹मुआवज़े के चेक हम आपके हाथों में देंगे
🔹मृतक के परिवार को ₹4 Lakh का मुआवज़ा
🔹घरों के नुक़सान पर Survey करके… pic.twitter.com/SZ1njSOmOO
मान सरकार के फैसले
- बाढ़ की वजह से मिट्टी खेतों में आ गई. जिसकी वजह से मार और बढ़ गई और जिसका खेत उनकी रेत स्कीम चलाने जा रहे है
- किसान को खेत से मिट्टी उठाने की मंजूरी देने जा रहे है मिट्टी किसान बेच भी सकते है
- डिसिल्टिंग की अनुमति पंजाब कैबिनेट ने दी
- 20 हजार प्रति एकड़ मुआवजा दिया जाएगा
- मृतकों के परिवारों को 4 लाख का मुआवजा
- जो घर गिर गए उसका सरकार सर्वे कराएगी और उसका भी मुआवजा देगी
- कॉपरेटिव सोसाइटियों और सरकार के बैंकों से लिए कर्ज की लिमिट 6 महीने बढ़ाई गई है
- किश्त नहीं देनी पड़ेगी, ब्याज भी नहीं देना पड़ेगा
- जिनके मवेशी बाढ़ में मर गए उनको भी सहायता राशि मिलेगी
- कोई बीमारी न फैले इसके लिए टीकाकरण सरकार करवाएगी
- फोगिंग मशीनें दी जाएंगी
- हर गांव में क्लिनिक में डॉक्टर आयेंगे
- कैंप लोगों के घर के नजदीक लगेंगे ताकि चेकअप हो सके और लोगों को दवाइयां मिल सके
- शहरों और गांवों में सफाई होगी
- स्कूलों का इमारतों और ग्रिडों के नुकसान का सर्वे होगा
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Source: IOCL






















