राजा वडिंग ने पूर्व केंद्रीय मंत्री बूटा सिंह पर की थी टिप्पणी, अब बिना शर्त मांगी माफी, कहा- 'वो पिता समान'
Raja Warring News: तरनतारन उपचुनाव में प्रचार के दौरान पूर्व केंद्रीय मंत्री दिवंगत बूटा सिंह पर की गई टिप्पणी को लेकर घिरे पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने बिना शर्त माफी मांगी.

पंजाब कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने सोमवार (3 नवंबर) को पूर्व केंद्रीय मंत्री दिवंगत बूटा सिंह के खिलाफ की गई कथित टिप्पणी को लेकर बिना शर्त माफी मांग ली है. वडिंग ने कहा कि उनका किसी का अपमान करने का इरादा नहीं था, अगर किसी को उनकी बात से ठेस पहुंची है तो वे दिल से माफी मांगते हैं.
दरअसल, तरनतारन विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार के समर्थन में प्रचार करते हुए राजा वडिंग ने एक बयान दिया था, जो दिवंगत बूटा सिंह से जुड़ा हुआ था. उनकी टिप्पणी पर विरोधी दलों आम आदमी पार्टी, भाजपा और कुछ दलित संगठनों ने कड़ी आपत्ति जताई. उनका कहना था कि वडिंग का बयान न केवल अपमानजनक है, बल्कि दिवंगत नेता की गरिमा को ठेस पहुंचाता है.
आयोग ने लिया संज्ञान
बढ़ते विवाद के बाद पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग ने इस मामले का स्वतः संज्ञान लिया और राजा वडिंग को 6 नवंबर को आयोग के सामने पेश होने के लिए नोटिस भेज दिया. आयोग ने कहा कि यह मामला संवेदनशील है और इसकी पूरी जांच की जाएगी.
आयोग की कार्रवाई और बढ़ते विरोध के बीच वडिंग ने तुरंत सफाई देते हुए कहा कि बूटा सिंह उनके लिए पिता समान थे और उन्होंने हमेशा उनका आदर किया है.
उन्होंने सोशल मीडिया पर बयान जारी कर कहा, “मैं पुनः यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि मेरा किसी भी तरह से स्वर्गीय सरदार बूटा सिंह जी या किसी अन्य व्यक्ति का अनादर करने का इरादा नहीं था. यदि मेरी किसी बात से किसी को ठेस पहुंची है, तो मैं बिना शर्त माफी मांगता हूं.”
विरोधियों का पलटवार
इस बयान के बावजूद सियासी हलकों में बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा. पंजाब के वित्त मंत्री और आप नेता हरपाल सिंह चीमा, भाजपा नेता तरुण चुघ और विजय सांपला ने वडिंग की टिप्पणी की निंदा की है. उनका कहना है कि कांग्रेस नेताओं को इस तरह की भाषा से बचना चाहिए और दिवंगत नेताओं के प्रति सम्मान बनाए रखना चाहिए.























