'उड़ता पंजाब' के खिलाफ भगवंत मान सरकार ने छेड़ा युद्ध, हाई लेवल की मीटिंग के बाद पांच मंत्रियों को सौंपा जिम्मा
Punjab News: पंजाब में नशा तस्करी को खत्म करने के लिए भगवंत मान सरकार ने अभियान शुरू किया है. इस अभियान की मॉनिटरिंग के लिए पांच मंत्रियों की एक कैबिनेट सब कमेटी भी बनाई गई है.

Bhagwant Mann: पंजाब सरकार नशा तस्करी के खिलाफ अभियान चला रही है. इस अभियान को लागू करने के लिए शुक्रवार (28 फरवरी) मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सभी जिलों के डिप्टी कमीश्नर और SSP से चंडीगढ़ में मीटिंग की. सरकार ने इस अभियान की मॉनिटरिंग के लिए पांच मंत्रियों की एक कैबिनेट सब कमेटी भी बनाई है जिसकी अध्यक्षता वित्त मंत्री हरपाल चीमा करेंगे.
मीटिंग के बाद सब कमेटी ने मीडिया को संबोधित किया. कमेटी के सदस्य और पंजाब आम आदमी पार्टी के अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने कहा कि पंजाब को नशा मुक्त करने के लिए ये अभियान चलाया है जो नशा तस्करी पर अंतिम प्रहार होगा क्योंकि पिछले तीन साल में राज्य सरकार ने नशा तस्करी के खिलाफ बहुत काम किया है.
अरोड़ा ने पंजाब में नशा तस्करी की शुरुआत के लिए शिरोमणि अकाली दल और बीजेपी गठबंधन सरकार को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि इसकी शुरुआत गठबंधन सरकार के समय 2007 में हुई और अकाली-भाजपा गठबंधन के दूसरे कार्यकाल में ये नशा और पनपा.
अमन अरोड़ा ने कहा कि 2017 में पंजाब में कांग्रेस की सरकार इसी भरोसे के साथ बनी थी कि नशे को जड़ से खत्म किया जाएगा मगर नशा तस्करी पर लगाम नहीं लगाई गई. उन्होंने कहा कि पंजाब ने आतंकवाद को खत्म कर दिया तो फिर नशा तस्करी को क्यों नहीं खत्म किया जा सकता. अरोड़ा ने कहा कि नशा पंजाब से इसलिए खत्म नहीं हुआ क्योंकि पिछली सरकारों में नशा तस्करी को राजनीतिक संरक्षण मिलता था.
उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार ने नशा के खिलाफ तीन साल पहले सरकार बनते ही बड़ी लड़ाई छेड़ी है. इन तीन सालों में 6500 से ज्यादा बड़े तस्कर पकड़े गए हैं. नशा तस्करों की ड्रग मनी से बनाई 612 करोड़ की संपत्ति जब्त हुई है और 1128 किलो ग्राम हेरोइन रिकवर हुई है.
2022 से पहले एनडीपीएस एक्ट के मामलों में 58 प्रतिशत conviction रेट था जो अब 85 परसेंट है. 12500 गांवों में नशा तस्करी के खिलाफ कमेटियां बनाई गई हैं. उन्होंने कहा कि अब एक अंतिम प्रहार नशा तस्करी के खिलाफ किया जाएगा.
अरोड़ा ने कहा कि इस अभियान को कैबिनेट सब कमेटी मॉनिटर करेगी. उन्होंने कहा कि पहले नशा तस्करों, पंजाब पुलिस के कुछ अधिकारियों और कुछ नेताओं के नापाक जोड़ ने नशा तस्करी पंजाब में बढ़ाई मगर अब नशा तस्करी में शामिल किसी को भी नहीं बख्शा जाएगा.
इस अभियान के दौरान ड्रग डे एडिक्शन सेंटर में तमाम सुविधाओं के सुधारा जाएगा ताकि जो लोग नशा छोड़ते हैं उन्हें दवाइयों और मेडिकल सुविधा दी जाए.
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Source: IOCL





















