राहुल गांधी से मिलेंगे पंजाब के 15 कांग्रेस विधायक, अंदरूनी खींचतान से परेशान, देंगे किसका साथ?
Punjab Congress News: पंजाब कांग्रेस में अब अंदरूनी कलह खुलकर सामने आ रही है. इस घटनाक्रम को लेकर कांग्रेस के 15 विधायकों ने राहुल गांधी से मुलाकात का समय मांगा है.

पंजाब कांग्रेस में अब अंदरूनी कलह खुलकर सामने आ रही है. इस घटनाक्रम को लेकर कांग्रेस के 15 विधायकों ने राहुल गांधी से मुलाकात का समय मांगा है. पंजाब कांग्रेस में जारी अंदरूनी कलह के बीच पार्टी के 15 विधायकों ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को पत्र लिखकर उनसे मुलाकात का समय मांगा है. पार्टी सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी दी.
ऐसी जानकारी सामने आई है कि राहुल गांधी के साथ होने वाली संभावित बैठक में पार्टी नेताओं के बीच जारी गुटबाजी के मुद्दे के अलावा 2027 के विधानसभा चुनाव की रणनीति पर भी चर्चा होने की संभावना है. कांग्रेस के एक विधायक ने राहुल गांधी से मुलाकात के लिए पत्र लिखे जाने की पुष्टि की, हालांकि उन्होंने बैठक के उद्देश्य के बारे में जानकारी देने से इनकार किया.
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पंजाब कांग्रेस में चल रही है अंदरूनी खींचतान
यह घटनाक्रम पंजाब कांग्रेस में जारी अंदरूनी खींचतान के बीच सामने आया है. पार्टी नेतृत्व की ओर से संगठन को मजबूत करने और एकजुटता बनाए रखने के प्रयासों के दावों के बावजूद प्रदेश इकाई गुटबाजी से जूझ रही है.
यह विवाद उस समय खुलकर सामने आया, जब कांग्रेस नेतृत्व ने एक जुलाई को अमरिंदर सिंह राजा वडिंग को पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष पद पर बनाए रखने और पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को चुनाव अभियान समिति का अध्यक्ष नियुक्त करने का फैसला किया था.
वडिंग के अध्यक्ष बनने से शुरू हुआ विवाद
वडिंग को पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष बनाए रखने के फैसले पर असहमति के स्वर उठने के बाद भूपेश बघेल ने राज्य का दौरा किया था और छह दिवसीय यात्रा के दौरान पार्टी नेताओं से मुलाकात की थी. हालांकि, 16 जुलाई को दिल्ली में कांग्रेस महासचिव (संगठन) के सी वेणुगोपाल से मुलाकात के बाद चन्नी ने कहा था कि 'सब ठीक है.'
उन्होंने कहा था कि वह और अन्य नेता पार्टी आलाकमान के हर फैसले का पालन करेंगे. एक जुलाई को कांग्रेस ने चुनाव संबंधी समितियों को लेकर कुछ नियुक्तियां की थीं. इसके बाद प्रदेश कांग्रेस में सियासी घमासान शुरू हो गया था. राजा वडिंग के प्रदेश अध्यक्ष बने रहने को लेकर चरणजीत सिंह चन्नी गुट नाराज नजर आया. इसके बाद से ही राज्य में लगातार बैठकों और चर्चाओं का दौर जारी है.
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