Punjab: नवजोत सिंह सिद्धू ने बहबल कलां गांव पहुंचकर प्रदर्शनकारियों से की मुलाकात, 6 साल से इंसाफ की आस में बैठे हैं धरने पर
नवजोत सिंह सिद्धू इन दिनों काफी सक्रिय नजर आ रहे हैं. बीते दिन उन्होंने 2015 में बहबल कलां में पुलिस फायरिंग के मृतकों के रिश्तेदार से मुलाकात की.

Punjab: पंजाब विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद कुछ समय खामोश बैठे पूर्व प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू (Navjot Singh Sidhu) एक बार फिर सक्रिय नजर आ रहे हैं. सिद्धू जहां पिछले कुछ दिनों से पार्टी की बैठकों में हिस्सा ले रहे हैं तो वहीं बुधवार को उन्होंने उन परिवारों से भी मुलाकात की जिनके रिश्तेदार 2015 में बहबल कलां में पुलिस फायरिंग का शिकार हुए थे. ये लोग इंसाफ की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. वहीं इस दौरान सिद्दू के साथ कई पूर्व विधायक भी मौजूद रहे.
सिद्धू ने क्या कहा
प्रदर्शनकारी परिवारों से बात करते हुए सिद्धू ने कहा कि जब उनकी पार्टी सत्ता में थी तब वह इस मुद्दे को उठाते रहे हैं और मौजूदा सरकार के साथ भी ऐसा करते रहेंगे.
क्यों बहबल कलां कांड को लेकर हो रहा विरोध
दरअसल 2015 में श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के बाद बहलबल कलां में गोलीकांड हुआ था. इस दौरान बेअदबी के खिलाफ प्रदर्शन करने वालों पर पुलिस द्वारा फायरिंग की गई थी. जिसमें दो लोग मारे गए थे. तत्कालीन अमरिंदर सिंह सरकार ने मामले की जांच जस्टिस रणजीत सिंह आयोग को सौपी थी. जांच रिपोर्ट के आधार पर एसपी विक्रमजीत सिंह को निलंबित कर दिया गया था. लेकिन पूर्व में चरणजीत सिंह चन्नी की सरकार ने विक्रमजीत सिंह को बहाल कर दिया था. इसे लेकर पीड़ित कृष्ण भगवान सिंह के पुत्र सुखराज सिंह इंसाफ की मांग कर रहे हैं. वे 16 दिंसबर 2021 से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं.
सिद्धू ने पार्टी नेताओं के साथ भी की थी बैठक
इससे पहले सिद्धू ने लुधियाना उत्तर के पूर्व विधायक राकेश पांडे के आवास पर 16 पूर्व विधायकों और पार्टी के अन्य नेताओं के साथ बैठक की. हाल ही में सिद्धू की यह तीसरी बैठक थी. बैठक की जानकारी रखने वाले पार्टी नेताओं ने कहा कि राज्य इकाई के अध्यक्ष के रूप में सिद्धू के लिए एक और कार्यकाल की मांग पर कोई चर्चा नहीं हुई और केंद्र से चंडीगढ़ पर पंजाब के अधिकारों का अतिक्रमण करने और पार्टी के रैंक और फ़ाइल को फिर से जीवंत करने से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की गई. बैठक में भोलाथ विधायक सुखपाल खैरा भी शामिल थे, जिनके बारे में कहा जाता है कि उनकी नजर विपक्ष के नेता के पद पर है.
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Source: IOCL






















