'कमी खलती रहेगी', पंजाब के CM भगवंत मान सहित नेताओं ने मनमोहन सिंह को दी श्रद्धांजलि
Manmohan Singh Death: पूर्व पीएम मनमोहन सिंह के निधन के बाद देश में शोक की लहर है. पंजाब के नेताओं ने देश के लिए उनके योगदान को याद किया.

पूर्व पीएम मनमोहन सिंह ने गुरुवार को 92 साल की उम्र में आखिरी सांस ली. दिल्ली स्थित एम्स में गुरुवार की रात नौ बजकर 51 मिनट पर उनका निधन हो गया. उनके निधन पर पंजाब के सीएम भगवंत मान ने कहा कि ये देश के लिए यह बड़ा घाटा है. भारत की बिगड़ी अर्थव्यवस्था को फिर से पटरी पर लाने वाले इस महान अर्थशास्त्री की कमी देशवासियों को हमेशा खलती रहेगी. परमात्मा से प्रार्थना करते हैं कि वह दिवगंत आत्मा को अपने चरणों में स्थान दें और परिवार सहित प्रशंसकों को यह दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करें.
पंजाब कांग्रेस ने लिखा, "हम अद्वितीय ज्ञान और विनम्रता के राजनेता डॉ. मनमोहन सिंह जी के निधन पर शोक व्यक्त करते हैं, जिन्होंने भारत के प्रधान मंत्री के रूप में विशिष्टता के साथ भारत की सेवा की. उनके अटूट समर्पण, दूरदर्शी नीतियों और सौम्य आचरण ने अनगिनत लोगों के जीवन को प्रभावित किया और ईमानदारी और करुणा में निहित नेतृत्व के लिए एक मानदंड स्थापित किया. पंजाब कांग्रेस उनके परिवार और प्रियजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता है. उनकी विरासत हमेशा हमारे पथ को रोशन करेगी क्योंकि हम एक मजबूत और अधिक एकजुट भारत के निर्माण का प्रयास करेंगे."
शिरोमणी अकाली दल के नेता सुखबीर सिंह बादल ने कहा, "डॉ. मनमोहन सिंह जी के निधन से सार्वजनिक जीवन में राजनीति कौशल और सभ्य मूल्यों के एक युग का दुखद अंत हो गया है. डॉ. साहब ने व्यक्तिगत जीवन में सादगी के साथ राजनीति में शालीनता, शिष्टता और ईमानदारी को जोड़ा. मूल रूप से एक लोकतांत्रिक, डॉ. साहब ने राजनीतिक दल से ऊपर उठकर यह सुनिश्चित किया कि प्रधानमंत्री का पद दलगत राजनीति से ऊपर और परे रहे...मैं ईश्वर से दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करने की प्रार्थना करता हूं."
कांग्रेस नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा ने लिखा, "पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह जी के निधन के बारे में सुनकर मुझे गहरा दुख हुआ. उनका निधन देश, राजनीति और राष्ट्र के लिए अपूरणीय क्षति है. एक प्रसिद्ध अर्थशास्त्री और राजनेता के रूप में, भारत की आर्थिक वृद्धि और विकास में डॉ. सिंह का योगदान अद्वितीय है. राष्ट्र के प्रति उनकी निस्वार्थ सेवा को भारत के लोग हमेशा याद रखेंगे. मैं उनकी आत्मा की शांति के लिए वाहेगुरु जी से हार्दिक प्रार्थना करता हूं. उनकी विरासत भारतीयों की भावी पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी."
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