बजट 2024: विधानसभा चुनाव का जिक्र कर दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने किया वार, 'हरियाणा का नाम लेना भी भूल गई, लेकिन...'
Budget 2024: रोहतक से कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि देश में ज्वलंत मुद्दे बढ़ती हुई महंगाई और रिकॉर्ड स्तर पर जो बेरोजगारी है, इसके लिए बजट में कोई आवंटन नहीं किया गया.

Budget 2024: मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल के पहले पूर्ण बजट पर कांग्रेस नेता दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने बीजेपी पर बड़ा हमला किया है. उन्होंने कहा कि बजट में हरियाणा का नाम तक नहीं लिया गया. जनता आगामी चुनाव में बीजेपी को सबक सिखाएगी.
दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा, ''यह केंद्रीय बजट पूरी तरह निराशाजनक है. सरकार केंद्रीय बजट में हरियाणा का नाम लेना भी भूल गई. लेकिन 2 महीने बाद विधानसभा चुनाव में हरियाणा की जनता बीजेपी को वोट देना भी भूल जाएगी.''
'क्षेत्रीय संतुलन के नाम पर मजाक'
हुड्डा ने न्यूज़ एजेंसी पीटीआई से बातचीत में कहा, ''देश में ज्वलंत मुद्दे बढ़ती हुई महंगाई और रिकॉर्ड स्तर पर जो बेरोजगारी है, इसके लिए बजट में कोई आवंटन नहीं किया गया. किसान, गरीब को राहत की जरूरत थी, उन्हें कुछ नहीं दिया गया.''
यह केन्द्रीय बजट पूरी तरह निराशाजनक है।
— Deepender S Hooda (@DeependerSHooda) July 23, 2024
सरकार केन्द्रीय बजट में हरियाणा का नाम लेना भी भूल गई। लेकिन 2 महीने बाद विधान सभा चुनाव में हरियाणा की जनता बीजेपी को वोट देना भी भूल जाएगी। pic.twitter.com/qpZtwqn9we
रोहतक से कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा, ''क्षेत्रीय संतुलन के नाम पर ये बजट एक मजाक है. सारा बजट आवंटन आंध्र प्रदेश और बिहार पर किया गया.अल्पमत की सरकार है. गठबंधन की वजह से हो सकता है कि ये उनकी मजबूरियां रही हो. हरियाणा का तो इस बजट में नाम नहीं लिया गया.''
बता दें कि हरियाणा में इस साल के आखिरी में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. माना जा रहा है कि कांग्रेस अब बजट को एक बड़ा मुद्दा विधानसभा चुनाव में बनाएगी.
रणदीप सुरजेवाला का निशाना
हरियाणा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रणदीप सुरजेवाला ने बजट को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यू.पी ने लोकसभा में हराया तो यू.पी नाम का शब्द ही बजट से हटा दिया. महाराष्ट्र हारे तो महाराष्ट्र का नाम काट दिया. हरियाणा हारे तो हरियाणा के अस्तित्व से ही मुंह मोड़ लिया.
उन्होंने आगे कहा, ''राजस्थान में कांग्रेस ने अच्छा किया तो राजस्थानियों को भी बजट में शून्य. कर्नाटक व तेलंगाना में कांग्रेस सरकार है तो ऐसे किया जैसे वो भारत का हिस्सा ही नहीं. बिहार और आन्ध्रप्रदेश को भी पांच साल की लम्बी योजना में डाल दिया ताकि न कुछ मिले, बस उम्मीद रहे और समर्थन चलता रहे. बाद में दूध से मक्खी तरह निकालेंगे.''
Source: IOCL























