'दादा के बिना महाराष्ट्र की राजनीति कुछ नहीं', अजित पवार के निधन पर संजय राउत ने जताया दुख
Sanjay Raut on Ajit Pawar: अजित पवार का 28 जनवरी को बारामती में एक विमान दुर्घटना में निधन हो गया. संजय राउत ने इसे महाराष्ट्र की राजनीति के लिए काला दिन बताया और उनके निधन पर शोक व्यक्त किया.

महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के चीफ और लोकप्रिय नेता अजित पवार अब इस दुनिया में नहीं रहे. बुधवार, 28 जनवरी को बारामती प्लेन क्रैश में उनका निधन हो गया. यह हादसा इतना अचानक हुआ कि किसी को कुछ सोचने-समझने का समय ही नहीं मिला. अजित पवार के निधन पर पूरे महाराष्ट्र में शोक की लहर है. उद्धव ठाकरे गुट के नेता संजय राउत ने भी शोक व्यक्त किया है.
शिवसेना यूबीटी के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने इसे 'महाराष्ट्र की राजनीति का काला दिन' बताया है. उन्होंने कहा कि अजित पवार के बिना महाराष्ट्र की राजनीति कुछ नहीं है.
'अजित पवार को बारामती से था प्यार'
संजय राउत ने अजित पवार को याद करते हुए कहा, "हम दादा के सही-सलामत बाहर आने के लिए दुआ कर रहे थे. उनकी पर्सनालिटी खुले दिल की थी, हर कार्यकर्ता उन्हें चाहते थे. आज महाराष्ट्र पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है."
उन्होंने आगे कहा, "अजित पवार की प्रशासन पर अच्छी पकड़ थी. उन्हें बारामती से प्यार था. उद्धव ठाकरे सरकार की कैबिनेट में भी वे डिप्टी सीएम थे. उन्होंने ही कैबिनेट को पूरी तरह से तैयार किया था. वे राज्य के बैकर थे और एजुकेशन सेक्टर में काम करते थे."
'कभी सोचा नहीं था अजित पवार की सियासत ऐसे खत्म होगी'
संजय राउत ने कहा कि अजित पवार ने शरद पवार के बिना राजनीति शुरू की थी, लेकिन मैंने कभी सोचा नहीं था कि यह ऐसे खत्म होगी. हमने चैनल पर उनके काम के बारे में एक वीडियो देखा था. उन्हें वाक्य कहने का हुनर था.
'महाराष्ट्र को एक महान मुख्यमत्री मिल सकता था'
महाराष्ट्र पर ऐसा कौन सा संकट आ गया है कि इतने सारे लोग ऐसे गुज़र गए? विलासराव, गोपीनाथ. अजित पवार रिकॉर्ड पांच या छह बार डिप्टी चीफ मिनिस्टर बने. अगर वह मुख्यमंत्री बन जाते, तो राज्य को एक महान मुख्यमंत्री मिलता. शिवसेना पार्टी की ओर से, उद्धव ठाकरे दुखी हैं. श्रद्धांजलि.
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Source: IOCL
























