महाराष्ट्र: पालघर में अवैध पटाखा फैक्ट्री में धमाका, 2 लोगों की मौत, 3 घायल
Palghar Firecracker Explosion: स्थानीय लोगों ने प्रशासन और पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया है. घटना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है.

महाराष्ट्र के पालघर जिले के वाडा तालुका के कोनसई गांव में अवैध रूप से चल रही पटाखा फैक्ट्री में मंगलवार को जोरदार विस्फोट हुआ. हादसे में मौके पर 25 वर्षीय मजदूर भावेश दिलीप वावरे की मौत हो गई, जबकि तीन महिला मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गईं.
घायलों में मोनिका पडवले , मोनिका जाधव, अर्चना मिसाल और जयश्री रावते शामिल हैं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है. इनमें से एक महिला को हालत नाजुक में अस्पताल में ले जाया गया जिसमें उसकी मौत हो गई.
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32 मजदूर कर रहे थे काम
बताया जा रहा है कि फैक्ट्री में करीब 32 मजदूर काम कर रहे थे और यहां सुतली बम समेत अन्य पटाखे बनाए जा रहे थे. विस्फोट इतना तेज था कि इलाके में दहशत फैल गई. स्थानीय लोगों ने प्रशासन और पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया है. घटना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है. प्रशासन ने मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं.
2 लोग गिरफ्तार
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि इस घटना के संबंध में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इससे पहले प्रशासन ने मृतकों की संख्या दो बताई थी, लेकिन शाम को जारी एक संशोधित बयान में कहा गया कि एक पुरुष श्रमिक की मौत हो गई, जबकि 80 प्रतिशत झुलसी एक महिला को अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
यह घटना रविवार को तमिलनाडु में एक पटाखा फैक्टरी में हुए विस्फोट के ठीक बाद हुई है, जिसमें 23 लोगों की जान चली गई और कई लोग घायल हो गए. निगम आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ के प्रमुख विवेकानंद कदम ने बताया कि वाडा तालुका के कोंसाई गांव में एक पुराने फार्महाउस में टिन के शेड में पटाखा निर्माण इकाई में दोपहर करीब 12 बजे विस्फोट हुआ. उन्होंने बताया कि उस समय लगभग 35 श्रमिक पटाखे बनाने में लगे हुए थे. इनमें ज्यादातर महिलाएं थीं.
मृतक की पहचान भवेश दिलीप वावरे (35) के रूप में हुई है. अधिकारी ने बताया, ‘‘बचाव अभियान के लिए दमकल सेवाएं और पुलिस तुरंत मौके पर पहुंच गईं. विस्फोट के बाद लगी आग पर दमकल कर्मियों ने तुरंत काबू पा लिया.’’
प्रारंभिक जांच में पता चला कि 10 अप्रैल को परिचालन शुरू करने वाली इकाई में कच्चा माल बाहर से लाया गया था, और जामघर, कोंसाई, पालसाई और अलमन सहित आसपास के गांवों से दिहाड़ी मजदूरों को काम पर रखा गया था. उन्होंने कहा कि पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या पटाखा निर्माण इकाई के पास आवश्यक लाइसेंस थे और क्या उसने सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया था.
जिला पुलिस अधीक्षक यतीश देशमुख ने बताया कि तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है. मामले में शेड मालिक समेत दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है और पुलिस तीसरे आरोपी की तलाश कर रही है.
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Source: IOCL




























