Maharashtra में सियासी संकट के बीच NCP और कांग्रेस में मची सरकारी पैसे जारी करवाने की होड़, बीजेपी ने राज्यपाल को लिखा पत्र
GR Flow In Maharashtra: महाराष्ट्र में एमवीए सरकार पर लटकी तलवार के बीच एनसीपी और कांग्रेस के नेतृत्व वाले सरकारी विभागों में फंड जारी करवाने की होड़ मची है. 4 दिन में विभागों ने 182 GR जारी किए हैं.

Maharashtra News: महाराष्ट्र (Maharashtra) में जारी सियासी संकट के बीच पिछले 4 दिनों में हजारों करोड़ के सरकारी आदेश (GR) जारी किए गए हैं. जानकारी के मुताबिक 280 सरकारी आदेश जारी किए जा चुके हैं. GR असल में विकास संबंधित कार्यों के लिए राजकोष से पूंजी जारी करने की मंजूरी देने वाला एक अनिवार्य आदेश होता है. ऐसे में महा विकास अघाड़ी (एमवीए) सरकार वर्तमान में शिवसेना मंत्री एकनाथ शिंदे की बगावत के कारण भले ही अस्तित्व के संकट का सामना कर रही है लेकिन राज्य के विभागों जिसमें ज्यादातर सहयोगी एनसीपी और कांग्रेस के पास हैं, ने पिछले चार दिनों में विकास कार्यों के लिए हजारों करोड़ रुपये की धनराशि जारी करने के लिए सरकारी आदेश जारी किए हैं.
इसके कारण राज्य विधान परिषद में विपक्ष के नेता प्रवीण दारेकर को राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को पत्र लिखा है. भाजपा ने पिछले कुछ दिनों में देखी गई सरकारी प्रस्तावों की गहमगहमी को रोकने के लिए राज्यपाल के हस्तक्षेप की मांग की है, जिसे पार्टी ने "संदिग्ध" करार दिया.
महज चार दिन में जारी हुए इतने जीआर
जानकारी के मुताबकि 20 से 23 जून के बीच विभागों ने 182 जीआर जारी किए हैं, जबकि 17 जून को 107 ऐसे जीआर पास किए गए. ये आदेश सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर देखे जा सकते हैं. हालांकि शिंदे का विद्रोह 21 जून की सुबह सार्वजनिक हो गया, लेकिन उनकी बढ़ती बेचैनी को शिवसेना के सहयोगी एनसीपी और कांग्रेस ने भांप लिया था. बकौल इंडियन एक्सप्रेस, सूत्रों ने कहा कि चूंकि सत्ता के साझेदारों को आभास हो गया था कि आगे क्या होने वाला है, इन दलों के नियंत्रण वाले विभागों ने जीआर जारी करने की होड़ शुरू कर दी.
आंकड़ों के अनुसार, सोमवार से एनसीपी और कांग्रेस के नियंत्रण वाले विभागों में हड़कंप मच गया क्योंकि 182 में से 70 प्रतिशत से अधिक आदेश जारी कर दिए गए थे. एनसीपी के नेतृत्व में सामाजिक न्याय, जल संसाधन, कौशल विकास, आवास विकास, वित्त और गृह जैसे विभागों ने अधिकतम संख्या में जीआर जारी किए हैं.
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