MP Covid-19 Update: एमपी के इन शहरों पर बढ़ते खतरे के बीच शिवराज सरकार की नजर, यहां पढ़ें पूरी डिटेल
Madhya Pradesh News: शिवराज सरकार ने कोरोना को लेकर राजधानी भोपाल के अलावा इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर, सीहोर के स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया है कि स्वास्थ्य व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जाए.

MP Corona Update: देश में कोरोना वायरस (Covid-19) के नए वेरिएंट की दस्तक देने के बाद मध्य प्रदेश की शिवराज सरकार कुछ शहरों को लेकर काफी गंभीर दिखाई दे रही है. इन शहरों की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर लगातार मॉनिटरिंग भी की जा रही है. मध्य प्रदेश में अभी 4 कोरोना सक्रिय मरीज हैं. इनमें से तीन राजधानी भोपाल में मौजूद है, जबकि एक का व्यवसायिक राजधानी इंदौर में इलाज चल रहा है. एमपी के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस का नया मरीज सामने नहीं आया है. मध्य प्रदेश में लगभग 93 मरीजों के सैंपल भेजे गए थे. इनमें से एक भी पॉजिटिव मरीज सामने नहीं आया है. हालांकि, 7 सैंपल फेल (रिजेक्ट) हो गए हैं.
दरअसल, जबसे कोरोना ने मध्य प्रदेश में दस्तक दी है, तब से अभी तक शायद ही ऐसा कोई दिन गया होगा, जब मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल या इंदौर में एक भी मरीज मौजूद न रहा हो. अभी तक कोरोना के सबसे ज्यादा मामले इन्हीं शहरों में दर्ज किए गए हैं. एमपी सरकार राजधानी भोपाल के अलावा इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर, सीहोर को लेकर काफी गंभीर दिखाई दे रही है. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों को निर्देशित किया है कि इन शहरों में स्वास्थ्य व्यवस्था पर सतत निगाह रखी जाए.
सावधानी ही सबसे बड़ी वैक्सीन
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हाल ही में स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों की बैठक में स्पष्ट रूप से कहा है कि सावधानी ही सबसे बड़ी वैक्सीन है. इसके अलावा जिन लोगों ने बूस्टर डोज नहीं लगवाए हैं, उनसे भी शिवराज सरकार ने डोज लगवाने की अपील की है. एमपी में पिछले 24 घंटे में 2843 लोगों को वैक्सीन लगाई गई है. यह आंकड़ा आबादी के मान से काफी कम है.
इन इंतजामों पर सरकार की नजर
उज्जैन कलेक्टर आशीष सिंह के मुताबिक कोरोना को लेकर जारी जंग में आम लोगों का सहयोग बेहद महत्वपूर्ण योगदान रहा है. सरकार और जिला प्रशासन खास तौर पर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर लगातार मॉनिटरिंग कर रहा है. इसमें अस्पताल में बेड की उपलब्धता, ऑक्सीजन की व्यवस्था, सैंपलिंग और जिनोम सीक्वेंस की रिपोर्ट सहित आवश्यक इंतजाम शामिल हैं.























