बिहार में कांग्रेस ऑफिस में तोड़फोड़ पर भड़के झारखंड के मंत्री इरफान अंसारी, 'अब BJP को...'
Jharkhand News: झारखंड के मंत्री इरफान अंसारी ने बिहार में कांग्रेस ऑफिस में हमले पर कहा कि अगर इस तरह की हरकतें जारी रही, तो झारखंड में बीजेपी को अपने कार्यालय की सुरक्षा खुद सुनिश्चित करनी पड़ेगी.

झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी एक बार फिर अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में हैं. जामताड़ा में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने बिहार की हालिया घटनाओं और रिम्स-2 प्रोजेक्ट को लेकर बड़ा बयान दिया.
अंसारी ने बिहार में बीजेपी कार्यकर्ताओं द्वारा गठबंधन दलों के कार्यालयों पर हमले और तोड़फोड़ की कड़ी आलोचना की. उन्होंने कहा कि अगर इस तरह की हरकतें जारी रही, तो झारखंड में बीजेपी को अपने कार्यालय की सुरक्षा खुद सुनिश्चित करनी पड़ेगी. उन्होंने साफ कहा, "अब समय आ गया है कि बीजेपी को मुंहतोड़ जवाब देना होगा."
क्षेत्रीय दल हमेशा निभाते हैं बड़े भाई की भूमिका- इरफान अंसारी
बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर मंत्री ने कहा कि क्षेत्रीय दल हमेशा बड़े भाई की भूमिका निभाते हैं, जबकि लोकसभा चुनाव में राष्ट्रीय पार्टियां नेतृत्व करती हैं. उन्होंने बताया कि इस बार बिहार में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) बड़े भाई की भूमिका में है और अन्य दल उनके नेतृत्व में चुनावी मैदान में उतरेंगे.
मुख्यमंत्री चेहरे के बारे में उन्होंने कहा कि अभी तक कोई नाम तय नहीं हुआ है, लेकिन राजद के नेतृत्व में सभी दल मिलकर चुनाव लड़ रहे हैं. उन्होंने बिहार की घटनाओं पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि यह पूरी तरह शर्मनाक है और एक स्वस्थ लोकतंत्र में इसका कोई स्थान नहीं होना चाहिए.
संथाल परगना में शिफ्ट हो सकता है रिम्स-2 प्रोजेक्ट
इरफान अंसारी ने रिम्स-2 प्रोजेक्ट को लेकर भी बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि यदि बीजेपी इस महत्वाकांक्षी योजना का विरोध जारी रखती है, तो सरकार इस प्रोजेक्ट को रांची के बजाय संथाल परगना में शिफ्ट करने पर विचार कर सकती है.
उनका कहना था कि बीजेपी हमेशा से इस योजना का विरोध करती रही है और ऐसे में सरकार प्रोजेक्ट को दूसरी जगह स्थानांतरित करने पर गंभीरता से सोच सकती है.
उन्होंने यह भी उदाहरण दिया कि बिहार में दर्ज कुछ मामले पूरी तरह झूठे हैं, जो बीजेपी और अन्य संगठनों द्वारा राजनीतिक कारणों से लगाए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि यह स्थिति दिखाती है कि राजनीति कभी-कभी कितनी चरमसीमा पर पहुंच जाती है.
इस बार के बयान में स्वास्थ्य मंत्री ने साफ कर दिया कि सरकार न केवल रिम्स-2 प्रोजेक्ट पर प्रतिबद्ध है, बल्कि राजनीतिक विरोध के बावजूद इसे आगे बढ़ाने के लिए सभी विकल्पों पर विचार कर रही है.
उन्होंने यह भी जोर देकर कहा कि लोकतंत्र में हिंसा और तोड़फोड़ के लिए कोई स्थान नहीं है और सभी दलों को शांतिपूर्ण और जिम्मेदार चुनावी व्यवहार अपनाना चाहिए.
Source: IOCL



























