Jharkhand: 'शराब नीति खुद के लिए या राजस्व बढ़ाने के लिए', कैबिनेट बैठक से पहले बाबूलाल मरांडी का CM सोरेन पर हमला
Jharkhand Liquor Policy: बीजेपी के वरिष्ठ नेता बाबूलाल मरांडी ने ट्वीट कर शराब नीति को लेकर कहा कि, हेमंत सरकार अपने तीन साल के कार्यकाल में तीसरी बार शराब नीति बदलने का विचार कर रही है.

Jharkhand News: झारखंड की हेमंत सरकार (Hemant Soren) आज कैबिनेट की बैठक में शराब नीति पर बड़ा फैसला ले सकती है. दरअसल, आज यानी 27 अप्रैल को शाम चार बजे कैबिनेट की बैठक होनी है. इस बैठक में पैसला लिया जाएगा कि, एक मई से राज्य में शराब कैसे बिकेगी. वहीं कैबिनेट की बैठक से पहले ही इस पर राजनीति तेज हो गयी है.
वहीं बीजेपी के वरिष्ठ नेता बाबूलाल मरांडी ने ट्वीट कर झारखंड की शराब नीति को लेकर हेमंत सरकार के अब तक के फैसले पर निशाना साधते हुए लिखा है कि, 'हेमंत सरकार अपने तीन साल के कार्यकाल में तीसरी बार शराब नीति बदलने का विचार कर रही है. हेमंत पहले यह तो तय कर लें कि उन्हें शराब की नीति खुद के लिए और ज़्यादा नोट कमाने वाला चाहिए या राज्य का राजस्व बढ़ाने वाला?'
बाबूलाल मरांडी ने सीएम को दी सलाह
बाबूलाल मरांडी ने आगे लिखा कि, अगर सरकार को लगता है शराब बेच कर कमाई किए बिना राज्य चलाना मुश्किल है तो एक ईमानदार और पारदर्शी नियम राज्यहित को ध्यान में रखकर बनाएं. दलालों और बेईमानों के हित में मोटी काली कमाई जारी रखने वाली नीति बनाने से परहेज करें. इसके लिए हरियाणा, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों की शराब नीति को देखें. इन सब में से अच्छी चीजों को लेकर दूरगामी नीति बनाएं, वरना आसमान से उतर कर खजूर पर लटकने वाली कहावत चरितार्थ हो जाएगी.
क्यों लागू होगी नई नीति?
आपको बता दें कि, वित्तीय वर्ष 2022-23 में राज्य में शराब बेचने के लिए चयनित प्लेसमेंट एजेंसी की कार्य अवधि 30 अप्रैल को खत्म हो रही है. नई एजेंसी को राज्य में एक मई से शराब बेचना है. ऐसे में अब तक नई एजेंसी का चयन नहीं किया गया है. झारखंड राज्य बेवरेज कॉरपोरेशन लिमिटेड (जेएसबीसीएल) ने उत्पाद विभाग को शराब बेचने को लेकर वर्तमान स्थिति से अवगत कराया है और पूछा है कि एक मई से राज्य में कैसे शराब बिकेगी. क्या पुरानी एजेंसी को ही शराब बेचने की जिम्मेदारी देनी होगी यह फैसला सरकार लेगी. आज कैबिनेट की बैठक में इस पर अहम फैसला हो सकता है.






















