'मेरी देह अस्पताल में लेकिन आत्मा...', अस्पताल से बाहर आना चाहते हैं देवेंद्र महतो, लिखी चिट्ठी
Devendra Nath Mahto: देवेंद्र महतो ने प्रदर्शन स्थल पर जाने के लिए डॉक्टर्स से आग्रह किया है उन्हें डिसचार्ज कर दें. उन्हें इस बात की पीड़ा ज्यादा है कि वह प्रदर्शनकारी साथियों के साथ नहीं हैं.

झारखंड के छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो अनिश्चितकालीन अनशन पर हैं. JPSC-JSSC एग्जाम में गंभीर अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की जवाबदेही मांगते हुए आज (गुरुवार, 13 अगस्त) महतो के अनशन का 12वां दिन है. इस बीच कल (बुधवार, 12 अगस्त) महतो ने जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में बने प्रदर्शन स्थल पर वापस जाने के लिए अस्पताल से छुट्टी मिलने का आग्रह किया.
देवेंद्र नाथ महतो फिलहाल सदर अस्पताल में भर्ती हैं जहां उनका इलाज चल रहा है. 10 अगस्त को विधानसभा मार्च के दौरान पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज में उन्हें भी चोटें आई थीं जिसकी वजह से उन्हें अस्पताल में भर्ती करना पड़ा था. अब महतो ने सिविल सर्जन के नाम एक चिट्ठी लिखी है जिसमें उन्होंने लिखा है कि वह अपने प्रदर्शनकारी साथियों से दूर रहकर चिंतित हैं. उन्हें शारीरिक दर्द से ज्यादा इस बात की पीड़ा है कि वह प्रोटेस्ट का हिस्सा नहीं बन पा रहे हैं.
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'मेरी आत्मा प्रदर्शन स्थल पर'
पत्र में देवेंद्र नाथ महतो ने लिखा, "मेरी देह का अस्पताल में इलाज चल रहा है, लेकिन मेरी आत्मा सत्याग्रह स्थल पर है जहां छात्र और युवा अपने अच्छे भविष्य की जंग लड़ रहे हैं." डॉक्टर्स को दिए इस खत में महतो ने इस बात का जिक्र किया है कि यह केवल एक आंदोलन नहीं, बल्कि उनके लिए बहुत बड़ी जिम्मेदारी है. प्रदर्शन में शामिल हजारों छात्रों के लिए वह जिम्मेदार हैं.
जानकारी के लिए बता दें, 10 अगस्त को महतो के अनशन का 9वां दिन था जब उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया. देवेंद्र महतो ने कहा कि हजारों छात्र दिन रात संघर्ष कर सरकार से जवाबदेही मांग रहे हैं और वह अस्पताल के बिस्तर पर आराम कर रहे हैं. इससे ज्यादा मानसिक पीड़ा उन्हें नहीं हो सकती.. इसलिए महतो ने डॉक्टर्स से अपील की है कि उन्हें डिसचार्ज कर दें ताकि वह जयपाल मुंडा स्टेडियम जा सकें. इसी के साथ महतो ने डॉक्टर्स को आश्वासन दिया है कि मेडिकल ट्रीटमेंट जारी रखेंगे और मेडिकल सलाह को नजरअंदाज नहीं करेंगे.
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