Bokaro News: युवती हत्याकांड में लापरवाही पर 28 पुलिसकर्मी सस्पेंड, 9 महीने बाद जंगल से मिला था कंकाल
Bokaro News In Hindi: बोकारो में युवती हत्याकांड में लापरवाही करते हुए पुलिस ने 10 दिन बाद FIR दर्ज की. कार्रवाई न होने पर हाईकोर्ट को हस्तक्षेप करना पड़ा.

झारखंड के बोकारो जिले से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक युवती के अपहरण और हत्या के मामले में पुलिस की बड़ी लापरवाही उजागर हुई है. इस पूरे प्रकरण में कार्रवाई करते हुए एक ही थाने के 28 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है. इस फैसले के बाद पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है.
यह मामला 24 जुलाई 2025 का है. पिंडराजोरा थाना क्षेत्र के खूंटाडीह गांव की रहने वाली रेखा देवी अपनी 18 वर्षीय बेटी पुष्पा महतो के अपहरण की शिकायत लेकर थाने पहुंची थीं. लेकिन हैरानी की बात यह रही कि पुलिस ने उनकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया और एफआईआर दर्ज करने में पूरे 10 दिन लगा दिए. परिवार लगातार पुलिस से कार्रवाई की मांग करता रहा, लेकिन पुलिस की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया.
9 महीने बाद जंगल में मिला कंकाल
करीब 9 महीने बाद पुलिस ने गांव के पास ही जंगल से पुष्पा महतो का कंकाल बरामद किया. यह खुलासा अपने आप में कई सवाल खड़े करता है कि आखिर इतने लंबे समय तक पुलिस क्या करती रही. पीड़ित परिवार का आरोप है कि अगर पुलिस शुरू से ही गंभीरता दिखाती, तो शायद उनकी बेटी की जान बच सकती थी.
इस मामले में गांव के ही दिनेश महतो को शुरू से संदिग्ध माना जा रहा था. परिवार ने कई बार पुलिस से उसके खिलाफ कड़ी पूछताछ करने की मांग की. यह भी सामने आया कि पुष्पा और दिनेश के बीच प्रेम प्रसंग था, लेकिन इसके बावजूद पुलिस ने आरोपी पर कोई सख्ती नहीं दिखाई. उल्टा, उसे बचाने की कोशिश की गई.
हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद तेज हुई जांच
जब पुलिस से कोई मदद नहीं मिली तो पीड़ित परिवार ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया. कोर्ट ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए बोकारो पुलिस को फटकार लगाई और जांच के निर्देश दिए. इसके बाद एसआईटी का गठन किया गया, लेकिन पहली जांच टीम भी मामले को सही दिशा में नहीं ले जा सकी.
हाईकोर्ट के दोबारा सख्त रुख अपनाने के बाद बोकारो एसपी हरविंदर सिंह ने सिटी डीएसपी के नेतृत्व में नई एसआईटी बनाई. नई टीम ने तेजी से काम करते हुए 24 घंटे के भीतर संदिग्ध दिनेश महतो से कड़ी पूछताछ की. पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया और उसकी निशानदेही पर जंगल से कंकाल, हत्या में इस्तेमाल चाकू और अन्य सबूत बरामद किए गए.
एसआईटी की जांच में यह साफ हो गया कि पूरे मामले में थाने के पुलिसकर्मियों ने गंभीर लापरवाही बरती. इतना ही नहीं, आरोपी को बचाने के लिए पैसों के लेन-देन की बात भी सामने आई है.
इसी आधार पर थाना प्रभारी समेत कुल 28 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है. इनमें 10 सब-इंस्पेक्टर, 5 असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर, 2 हवलदार और 11 आरक्षी शामिल हैं. आरोपी दिनेश महतो को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है. वहीं, इस पूरे मामले ने पुलिस व्यवस्था पर कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं.
Source: IOCL

























