गिरिडीह में भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी सड़क, निर्माण के 72 घंटे में उखड़ी, ग्रामीणों ने किया विरोध
Jharkhand News: गिरिडीह के तिसरी प्रखंड में 8 करोड़ की सड़क 72 घंटे में उखड़ गई. ग्रामीणों के विरोध के बाद पूर्व विधायक राजकुमार यादव ने घटिया निर्माण, ठेकेदार और मजदूर शोषण पर कार्रवाई की चेतावनी दी.

झारखंड के गिरिडीह जिले के तिसरी प्रखंड में सड़क निर्माण कार्य को लेकर ग्रामीणों ने जमकर विरोध किया. बता दें कि खिजुरी मोड़ से केंदुआ होते हुए थंबाचक तक 8 करोड़ की लागत से सड़क का निर्माण कराया गया. ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण के 72 घंटे में ही सड़क उखड़ना शुरू हो गया.
वहीं भाकपा माले के पूर्व विधायक राजकुमार यादव ने भी ग्रामीणों के आक्रोश के बाद संबंधित विभाग पर अपना गुस्सा निकाला. पूर्व विधायक लिहाजा घटिया सड़क निर्माण को देखकर संबंधित पदाधिकारियों पर जमकर बरसे. इस दौरान योजना स्थल से कॉल करके सहायक अभियंता सुरेश पासवान को जांच कर घटिया सड़क निर्माण को बेहतर करने का हिदायत दिया.
खराब सड़क निर्माण पर बरसे पूर्व विधायक
जानकारी के अनुसार, पूर्व विधायक ने कहा कि अगर जल्द ही सड़क का निर्माण कार्य जल्द ही नहीं सुधरता है तो पूरी सड़क को जेसीबी से उखाड़ दिया जाएगा. इसके अलावा सहायक अभियंता से कॉल कर दिखाया कि हालात कैसे है, पीचिंग जो किया गया है वो हाथ से ही आसानी से उखड़ जाती है. साथ ही उन्होंने कहा कि 72 घंटे के अंदर यदि विभागीय पदाधिकारियों द्वारा घटिया निर्माण सड़क की जांच नहीं किया गया तो मुख्यमंत्री से अवगत करवा कर कारवाई करवाएंगे.
सड़क निर्माण कार्य में किया जा रही महिलाओं का शोषण
उन्होंने कहा कि दो दिन पूर्व कुडियामो के पास ठेकेदार द्वारा 35 mm के जगह पर कहीं 10 mm तो कहीं 1 इंच ढलाई किया जा रहा था. जिसका पुरजोर ग्रामीणों ने विरोध किया था. फिर भी ठिकेदार द्वारा जल्दबाजी में एक दिन में ही पीचिंग ढलाई करके अपने कार्य को जैसे तैसे कार्य को पूरा करके निकल गया. वही सड़क निर्माण कार्य में आदिवासी महिलाओं को भी शोषण किया जा रहा है. सप्ताह दिन की मजदूरी नहीं मिलने से मजदूरों ने भी पुरजोर विरोध की और नाराजगी जताई थी, लेकिन समाजसेवी की सहयोग से मजदूर लोगों को मजदूरी मिली थीं.
वही महिलाएं मजदूर लोगों ने कहा कि ठिकेदार द्वारा मजदूरों को प्रति दिन कार्य करने के हिसाब से मजदूर दर मात्र 300 रुपए मिल रहा है. लेकिन झारखंड में सरकारी दर के अनुसार मजदूर को लगभग 500 रुपए मिलना चाहिए. वहीं इस घटिया सड़क निर्माण को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है.
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Source: IOCL






















