अर्धकुंवारी में लैंडस्लाइड से 7 की मौत, जम्मू में सरकारी दफ्तर और स्कूल बंद, नाइट मूवमेंट बैन
Katra Landslide: जम्मू-कश्मीर के CM उमर अब्दुल्ला ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री से फोन पर बात करके उन्हें जम्मू प्रांत के हालात की जानकारी दी, जहां भारी और लगातार बारिश से काफी नुकसान हुआ है.

जम्मू में माता वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर मंगलवार को लैंड स्लाइड होने की वजह से सात लोगों की मौत हो गई और 14 लोग घायल हो गए. इसकी जानकारी श्राइन बोर्ड ने आधिकारिक 'एक्स' हैंडल के जरिए दी. इसी बीच, डिविजनल कमिश्नर जम्मू ने नोटिस जारी करते हुए कहा कि 27 अगस्त को आपातकालीन सेवाओं को छोड़कर सभी सरकारी दफ्तर और शैक्षणिक संस्थान बंद रहेंगे. वहीं, एलजी मनोज सिन्हा और सीएम उमर अब्दुल्ला ने लैंडस्लाइड की घटना को लेकर दुख जताया. जम्मू में अधिकारियों ने रात के समय लोगों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया है.
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर कहा, ''माता वैष्णो देवी मार्ग पर तीर्थयात्रियों की मृत्यु के बारे में सुनकर बहुत दुख हुआ. मैं मृतकों के परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं. ईश्वर मृतकों की आत्मा को शांति प्रदान करे.''
फोन कनेक्टिविटी जल्द से बहाल करने की कोशिश- सीएम
उन्होंने एक अन्य पोस्ट में जानकारी दी कि अभी-अभी केंद्रीय गृह मंत्री से फोन पर बात करके उन्हें जम्मू-कश्मीर, खासकर जम्मू प्रांत के हालात की जानकारी दी, जहां भारी और लगातार बारिश से काफी नुकसान हुआ है और सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. उन्होंने कहा, ''फोन/डेटा कनेक्टिविटी जल्द से जल्द बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं.''
CM उमर अब्दुल्ला ने आगे कहा, ''जम्मू हवाई अड्डा बंद होने के कारण मैं और मेरे साथी जम्मू नहीं पहुंच पाए. मुझे उम्मीद है कि बुधवार पहली उड़ान से मैं वहां पहुंच पाऊंगा. मैं स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा हूं और संभाग में जमीनी स्तर पर तैनात टीमों के संपर्क में हूं.''
एलजी मनोज सिन्हा ने जताया शोक
एलजी मनोज सिन्हा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट करते हुए लिखा, ''यह जानकर अत्यंत व्यथित हूं कि लगातार बारिश के कारण हुए दुर्भाग्यपूर्ण भूस्खलन में माता वैष्णो देवी मंदिर में श्रद्धालुओं की जान चली गई. शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी संवेदनाएं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं. अधिकारियों को तत्काल सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए हैं.''
भारी बारिश के कारण स्थिति पर लगातार नजर- LG
एक अन्य एक्स पोस्ट में मनोज सिन्हा ने लिखा, ''जम्मू संभाग के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश के कारण उत्पन्न स्थिति पर निरंतर नजर रखी जा रही है. सभी जिलों में आपातकालीन प्रतिक्रिया दल और जिला अधिकारियों को युद्धस्तर पर तैनात किया गया है. सभी से सुरक्षित रहने, परामर्शों का पालन करने और सभी आवश्यक सावधानियां बरतने का आग्रह किया जा रहा है.''
कटरा और उसके आसपास बचाव और राहत कार्य
जम्मू-कश्मीर के पीआरओ डिफेंस ने 'एक्स' पोस्ट के जरिए कहा, ''व्हाइट नाइट कॉर्प्स की तीन राहत टुकड़ियां कटरा और उसके आसपास बचाव और राहत कार्यों में तेजी से जुट गई हैं. एक टुकड़ी अर्धकुंवारी, कटरा में लोगों की जान बचाने में मदद कर रही है, एक राहत टुकड़ी कटरा से ठाकरा कोट जाने वाली सड़क पर भूस्खलन वाले स्थान पर पहुंच गई है और एक टुकड़ी जौरियां के दक्षिण में सहायता प्रदान कर रही है. लोगों की जान बचाने, जरूरतमंदों को सहायता प्रदान करने और नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के प्रयास जारी हैं.''
पूर्व डीजीपी एसपी वैद्य ने क्या कहा?
जम्मू-कश्मीर के पूर्व डीजीपी एसपी वैद्य ने 'एक्स' पोस्ट पर लिखा, ''जम्मू बारिश से बुरी तरह प्रभावित है. आपदा प्रबंधन टीमें चौबीसों घंटे काम कर रही हैं और अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास कर रही हैं. कृपया स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें. अगर मैं आपकी कोई मदद कर सकता हूं, तो बेझिझक मुझसे डीएम के जरिए संपर्क करें.''
बचाव कार्यों के लिए सड़कें साफ रखें- प्रशासन
जम्मू साउथ के सिटी एसपी अजय शर्मा ने हादसे के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ''बचाव अभियान जोरों पर है, डीएम और एसएसपी जम्मू खुद मौके पर मौजूद हैं. जम्मू कश्मीर पुलिस, सेना और एसडीआरएफ के संयुक्त प्रयासों से कई लोगों की जान बचाई गई है. नागरिकों से अनुरोध है कि वे शांत रहें, आवाजाही से बचें और बचाव कार्यों के लिए सड़कें साफ रखें. जल निकायों से दूर रहें, रेडियो/समाचार चैनल देखते रहें.
सभी नदियां और नाले उफान पर
जम्मू डिवीजनल कमिश्नर रमेश कुमार ने बताया कि इस समय जम्मू-कश्मीर की सभी नदियां और नाले उफान पर हैं, चाहे वह बसंतर दरिया हो या चिनाब नदी, सभी के लिए अलर्ट जारी किया गया है. एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस की टीमें पूरी तरह सतर्क हैं और स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं. जम्मू के गाड़ीगढ़ इलाके में भारतीय सेना ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला है. वहीं, डोडा जिले में फ्लैश फ्लड की वजह से तीन लोगों की मृत्यु हो चुकी है.
नदियों और पुलों के आसपास न जाने की अपील
कमिश्नर ने आगे बताया, ''जब तक बारिश पूरी तरह नहीं रुकती, तब तक स्थिति का आकलन करना मुश्किल है. बारिश रुकने के बाद ही राहत और पुनर्वास कार्य शुरू किए जाएंगे.उन्होंने लोगों से अपील की कि नदियों और पुलों के आसपास न जाएं, क्योंकि इन पर पानी का दबाव बहुत अधिक है. साथ ही, सभी लोग एक-दूसरे के संपर्क में रहें, सरकारी निर्देशों का पालन करें और अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दें.''





















