शिमला में सड़क धंसने से एक बच्ची गड्ढे में गिरी, एचआरटीसी बस का पहिया भी फंसा
Himachal Pradesh News: शिमला के भट्टाकुफर चौक पर सड़क अचानक धंसने से बड़ा हादसा टल गया. बस में चढ़ रही आठवीं क्लास की बच्ची गड्ढे में गिर गई, जिसे लोगों ने रस्सी से सुरक्षित बाहर निकाला.

शिमला के भट्टाकुफर में शनिवार सुबह बड़ा हादसा होते-होते बच गया. भट्टाकुफर चौक पर अचानक सड़क धंस गई और वहां एक बड़ा गड्ढा बन गया. उसी वक्त एक एचआरटीसी बस में चढ़ रही 8वीं क्लास की बच्ची सीधे इसी गड्ढे में गिर गई. लोगों ने फौरन रस्सी की मदद से बच्ची को बाहर निकाला. गनीमत रही कि उसे गंभीर चोट नहीं आई. स्थानीय लोग इसे एनएचएआई की लापरवाही का नतीजा बता रहे हैं.
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सुबह स्कूल जाने के लिए बस में चढ़ते वक्त बच्ची का पैर अचानक धंसी सड़क के साथ नीचे चला गया. सड़क ऐसे धंसी कि बस के एक हिस्से का टायर भी गड्ढे में धंस गया. मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत बचाव शुरू किया और बच्ची को सुरक्षित बाहर निकाला.
NHAI की टनलिंग से सड़क कमजोर
घटना के बाद स्थानीय लोग भड़क गए और एनएचएआई की टनलिंग को जिम्मेदार ठहराया. लोगों का कहना है कि पिछले कई महीनों से चल रहे टनल निर्माण के कारण बाजार और सड़कें लगातार कमजोर हो रही हैं. पानी रिसाव और कंपन से सड़क की पुरानी परत बैठ गई और यह हादसा हो गया.
लोगों का कहना है कि वे कई बार अधिकारियों को चेतावनी दे चुके हैं, लेकिन सुधार के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया.
NHAI के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो- पार्षद
भट्टाकुफर के पार्षद नरेंद्र ठाकुर ने भी इस हादसे के लिए एनएचएआई को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने आरोप लगाया कि टनलिंग के कारण सड़क धंसी है और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए. पार्षद ने यह भी दावा किया कि एनएचएआई के अधिकारी स्थानीय लोगों से बदसलूकी करते हैं और शिकायतों को गंभीरता से नहीं लेते.
उन्होंने यह भी याद दिलाया कि पहले भी भट्टाकुफर में एनएचएआई के काम की वजह से एक महिला का मकान गिर चुका है और 5 करोड़ का मुआवजा देने की बात कही गई थी, जो आज तक नहीं दिया गया.
स्थानीय लोग अब क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर काफी चिंतित हैं. उनका कहना है कि इलाके में बड़ी आबादी रहती है और जिस तरह महीनों से सड़क और ढांचों को नुकसान हो रहा है, उससे भविष्य में और बड़े हादसों की आशंका है. लोग चाहते हैं कि सरकार और जिला प्रशासन तुरंत जांच कर कार्रवाई करे, ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों.























