Manipur Violence: मणिपुर हिंसा में फंसे थे हिमाचल प्रदेश के छात्र, CM सुक्खू ने अपने जेब से पैसे खर्च कर वापस बुलाया
Manipur Violence News: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने फंसे हुए छात्रों के लिखित संदेश का तत्काल जवाब दिया और छात्रों को घर वापस लाने के लिए 60,000 रुपये खर्च किए.

Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू (Sukhvinder Singh Sukhu) ने हिंसाग्रस्त मणिपुर में फंसे राज्य के पांच छात्रों को निकालने के लिए अपनी जेब से 60 हजार रुपये खर्च किए हैं. एक सरकारी प्रवक्ता ने सोमवार को यह जानकारी दी. प्रवक्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री ने फंसे हुए छात्रों के लिखित संदेश का तत्काल जवाब दिया और छात्रों को घर वापस लाने के लिए 60,000 रुपये खर्च किए.
सीएम सुक्खू ने राज्य सरकार के अधिकारियों को पांच छात्रों सिमरन, सुजल कौंडल, अश्विनी कुमार, नवांग छेरिंग और केशव सिंह को वापस लाने के लिए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए. उनमें से तीन एनआईटी मणिपुर में पढ़ाई करते हैं जबकि अन्य दो इंफाल में खुम्बन लंपक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, राष्ट्रीय खेल विश्वविद्यालय में पढ़ रहे हैं.
मणिपुर हिंसा में कम से कम 54 लोगों की मौत
मणिपुर में तीन मई को सांप्रदायिक हिंसा हुई थी, जब अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा देने की मेइती समुदाय की मांग को लेकर मेइती और कुकी जनजाति के लोगों के बीच संघर्ष हो गया था. इस हिंसा में कम से कम 54 लोगों की मौत हो गई थी. हालांकि, हिंसा प्रभावित मणिपुर में सोमवार को सुबह कुछ घंटों के लिए कर्फ्यू में ढील देने के साथ ही जनजीवन धीरे-धीरे सामान्य स्थिति में लौटने लगा है.
हिंसा के बाद 10,000 सुरक्षाकर्मी तैनात
अधिकारियों ने यह जानकारी देते हुए बताया कि इंफाल में लोग जरूरी सामान खरीदने के लिए अपने घरों से निकले. अधिकारियों ने बताया कि कर्फ्यू में ढील के दौरान सेना के ड्रोन और हेलीकॉप्टरों के जरिए स्थिति पर नजर रखी गई. पिछले कुछ दिनों से जातीय हिंसा से प्रभावित अलग-अलग क्षेत्रों में सेना और असम राइफल्स के जवानों ने फ्लैग मार्च किया. उन्होंने बताया कि बीते बुधवार को हिंसा भड़कने के बाद मणिपुर में सेना की 100 से अधिक कॉलम को तैनात किया गया. हिंसा प्रभावित राज्य में कानून और व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने के लिए असम राइफल्स, अर्धसैनिक बल और राज्य पुलिस के लगभग 10,000 सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं.
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