हिमाचल में कुदरत का कहर! बारिश और भूस्खलन से हालात खराब
Himachal Pradesh Weather Update: मंडी जिले के गोहर, करसोग और धर्मपुर में बादल फटने और भारी बारिश से तबाही मची. 5 की मौत और 15 लापता हुए. NDRF-SDRF राहत कार्यों में जुटी।

Himachal Pradesh Weather News: हिमाचल प्रदेश में ADC मंडी गुरसिमर सिंह ने बताया कि जिला में 3 उपमंडलों गोहर, करसोग और धर्मपुर में विभिन्न स्थानों पर बादल फटने, सदर मंडी में जलभराव और भारी बारिश, बालीचौकी तथा थुनाग क्षेत्र में बाढ़ की घटनाएं हुईं. सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर रवाना हुई और राहत एवं बचाव कार्यों में जुट गईं.
उपायुक्त ने प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर राहत और बचाव कार्यों का जायजा लिया गया. जगह-जगह फंसे 132 लोगों को सुरक्षित स्थानों एवं राहत शिविरों में पहुंचाया गया. मंडी शहर में जलभराव के कारण फंसे लोगों को विपाशा सदन व गुरुद्वारा में स्थापित राहत शिविरों में लाया गया.
5 लोगों की मृत्यु की पुष्टि हुई
राष्ट्रीय उच्च मार्ग मंडी-मनाली के बीच सुरंग संख्या 11 और 13 के समीप भूस्खलन के कारण फंसे लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया. जिला प्रशासन ने सर्व के स्वयंसेवियों की सहायता से सोमवार (30 जून) देर रात को ही इन लोगों को ब्रेड, बिस्किट्स व पानी इत्यादि उपलब्ध करवाया.
मंगलवार (1 जुलाई) सायं 5 बजे तक प्राप्त सूचना के अनुसार जिला में अभी तक 5 लोगों की दुखद मृत्यु की पुष्टि हुई है. आपदा में लापता 15 अन्य लोगों की तलाश के लिए बचाव कार्य निरंतर जारी है. बादल फटने की घटना के बाद गोहर उपमंडल के स्यांजी में राहत एवं बचाव कार्यों में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की मदद ली गई है
प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर लाया गया
साथ ही राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की अतिरिक्त टीम भी तैनात की गई. थुनाग क्षेत्र में NDRF की टीम भेजी गई है. जबकि करसोग क्षेत्र में NDRF की टीम ने राहत और बचाव कार्यों में सहयोग किया. धर्मपुर क्षेत्र में प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर लाया गया है.
इसके अतिरिक्त अन्य उपमंडलों में भी स्थानीय प्रशासन ने भारी बारिश और भूस्खलन इत्यादि से प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य चलाए. जिला में अभी तक 24 घरों तथा 12 गौशालाओं के क्षतिग्रस्त होने और 30 पशुधन की हानि की सूचना है





















